ईरान और अमेरिका की जंग पर कतर की बड़ी चेतावनी, कहा अब हालात काबू से बाहर हो रहे हैं
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने 7 अप्रैल 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब उस मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ से इसे काबू करना असंभव हो सकता है। कतर ने साफ शब्दों में कहा है कि पूरा क्षेत्र इस तनाव से बहुत थक चुका है और अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो हालात हाथ से पूरी तरह निकल जाएंगे।
ईरान में हुए हमले और भारी नुकसान की पूरी जानकारी
ईरान के अलग-अलग इलाकों में हाल ही में भीषण बमबारी और हवाई हमले हुए हैं जिससे वहां की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है।
| स्थान/क्षेत्र | घटना का मुख्य विवरण |
|---|---|
| Alborz Province | हवाई हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत और 24 घायल हुए। |
| Kharg Island | ईरान का मुख्य तेल टर्मिनल हमलों का शिकार हुआ जो 90% तेल संभालता है। |
| इन्फ्रास्ट्रक्चर | देश भर के मुख्य पुलों और ट्रांसपोर्ट हब को निशाना बनाकर ब्लॉक किया गया। |
| Istanbul | इजरायली दूतावास के पास हुई गोलीबारी में 3 संदिग्ध मारे गए। |
अमेरिका की डेडलाइन और हॉर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए 7 अप्रैल तक का समय दिया था। उन्होंने धमकी दी है कि अगर ईरान बात नहीं मानता है तो उसके ऊर्जा केंद्रों और पुलों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा जिससे वहां की पूरी व्यवस्था ठप हो सकती है।
- ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध विराम करने और Strait of Hormuz खोलने के समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है।
- IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका नागरिक ठिकानों पर हमला करता है तो वे क्षेत्र की तेल और गैस सप्लाई सालों के लिए बंद कर देंगे।
- Majed al-Ansari ने कहा कि Strait of Hormuz एक प्राकृतिक रास्ता है और क्षेत्र के सभी देशों को इसके इस्तेमाल का बराबर अधिकार है।
- कतर का कहना है कि किसी भी पक्ष द्वारा नागरिक और ऊर्जा ठिकानों पर हमले करना पूरी तरह से गलत है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव का असर वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। ईरान, हिजबुल्लाह और हूतियों के बीच बढ़ते तालमेल और इजरायल पर हमलों की योजना ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। कतर ने कहा है कि इस युद्ध में किसी की जीत नहीं होने वाली है और सभी को शांति के रास्ते पर लौटना चाहिए।




