UAE Govt New Law: अवैध मेड रखने पर लगेगा 2 लाख का जुर्माना, 12 भर्ती एजेंसियां हुई बंद
यूएई में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए घरेलू कामगारों को लेकर सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. मानव संसाधन और अमीरातकरण मंत्रालय (MoHRE) ने चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस वाली एजेंसियों से मेड या हाउस हेल्पर लेना भारी पड़ सकता है. इस नियम का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है. सरकार का यह कदम घरेलू कामगारों के अधिकारों की रक्षा और श्रम बाजार में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
अवैध भर्ती और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हाल ही में चलाए गए अभियान के दौरान 12 अवैध घरेलू कामगार भर्ती कार्यालयों को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा, 57 लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों में भी 300 से ज्यादा नियमों की अनदेखी पाई गई है. अगर कोई व्यक्ति बिना परमिट के किसी कामगार को काम पर रखने की कोशिश करता है या सरकारी पोर्टल के क्रेडेंशियल का गलत इस्तेमाल करता है, तो उस पर 2 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और एक साल की जेल भी हो सकती है.
नियोक्ताओं के लिए जरूरी नियम और जुर्माने की लिस्ट
यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू कामगारों के साथ केवल मौखिक समझौता मान्य नहीं होगा और लिखित MoHRE अनुबंध जरूरी है. सभी भुगतान WPS सिस्टम के जरिए होने चाहिए ताकि वेतन का रिकॉर्ड रहे. 18 साल से कम उम्र के बच्चों को काम पर रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है और पकड़े जाने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा. मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल तदबीर केंद्रों या अधिकृत एजेंसियों का ही सहारा लें.
| उल्लंघन का विवरण | जुर्माने की राशि (AED) |
|---|---|
| बिना लाइसेंस कामगार को काम पर रखना | 50,000 से 200,000 |
| 18 साल से कम के कामगार को रखना या फरार की मदद करना | 200,000 तक |
| मंत्रालय पोर्टल का दुरुपयोग और अवैध भर्ती प्रयास | 2 लाख से 10 लाख तक |
| गलत जानकारी या जाली दस्तावेज देना | 20,000 से 100,000 |
- कामगारों को हफ्ते में एक दिन की सवेतन छुट्टी देना अनिवार्य है.
- हर साल 30 दिन की सालाना छुट्टी और दो साल में एक बार घर जाने का टिकट देना होगा.
- मेड के रहने, खाने और स्वास्थ्य बीमा का खर्च नियोक्ता की जिम्मेदारी है.
- भर्ती एजेंसियां किसी भी कामगार से कोई कमीशन नहीं ले सकती हैं.




