ईरान ने पेश किया 10 सूत्रीय शांति प्लान, ट्रंप की डेडलाइन आज रात, बोले पूरी सभ्यता मिट जाएगी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने युद्ध को खत्म करने के लिए 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे नाकाफी बताया है। ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए आज रात 8 बजे की समय सीमा तय की है और सोशल मीडिया पर बेहद कड़ी चेतावनी जारी की है। इस बीच अमेरिका और इसराइल के हमले ईरान के कई इलाकों में तेज हो गए हैं जिससे भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।
ईरान के 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव में क्या मांगें रखी गई हैं?
ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अपना प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचाया है। ईरान का कहना है कि वह केवल युद्धविराम नहीं बल्कि युद्ध का पूर्ण अंत चाहता है। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ईरान पर भविष्य में फिर कभी हमला न होने की पक्की गारंटी दी जाए।
- लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इसराइली हमलों को तुरंत रोका जाए।
- अमेरिका ईरान पर लगाए गए सभी आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटा ले।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर जहाज से 20 लाख डॉलर की फीस ली जाएगी।
- इस फीस का हिस्सा ओमान के साथ साझा होगा और बाकी पैसे से ईरान अपनी तबाह हुई बुनियादी सुविधाओं को ठीक करेगा।
- युद्ध में प्रभावित हुए इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता प्रदान की जाए।
ट्रंप की आखिरी चेतावनी और ईरान पर हुए ताज़ा हमलों का विवरण
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को एक शुरुआती कदम तो माना है लेकिन इसे पर्याप्त नहीं कहा है। ट्रंप ने आज रात के लिए बेहद गंभीर लहजे में चेतावनी दी है। वहीं दूसरी तरफ ईरान के कई शहरों में हमलों के बाद स्थिति बिगड़ गई है। पिछले 24 घंटों के मुख्य घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
| क्षेत्र | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| खार्ग द्वीप | ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र पर हमला हुआ। |
| अल्बोरज़ प्रांत | बिजली की लाइनों पर हमले से भारी बिजली कटौती हुई, 18 नागरिकों की मौत हुई। |
| तेहरान | तीन हवाई अड्डों और सैन्य विमानों को निशाना बनाया गया। |
| हॉर्मुज जलडमरूमध्य | रूस और चीन ने इसे खोलने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर वीटो कर दिया। |
| पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर | हथियार ले जाने वाले 8 प्रमुख पुलों को नष्ट करने का दावा किया गया। |
ट्रंप ने कहा है कि अगर समय सीमा तक समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के पावर प्लांट और पुलों को पूरी तरह नष्ट करने का आदेश देंगे। अमेरिकी संसद के नेताओं ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और राष्ट्रपति के कड़े रुख को देखते हुए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। ईरान ने ट्रंप की इन धमकियों को बचकाना बताया है और कहा है कि वे किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे।





