West Bank में इसराइली सेना का बड़ा ऑपरेशन, फायरिंग में एक की मौत, कई इलाकों में लगा सैन्य प्रतिबंध.
वेस्ट बैंक के कई इलाकों में इसराइली सेना ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है. फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी Wafa के मुताबिक इन ताजा हमलों में एक युवक की जान चली गई है और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इसराइली सुरक्षा बलों ने कई जगहों पर नई सैन्य चौकियां बना दी हैं और मुख्य रास्तों को बंद कर दिया है जिससे आम नागरिकों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है.
छापेमारी और हिंसा में हुई जनहानि की मुख्य जानकारी
9 अप्रैल 2026 को तुबास के पास इसराइली सैनिकों के साथ हुई झड़प में अला खालिद सुबिह नाम के एक फिलिस्तीनी युवक की गोली लगने से मौत हो गई. इसके बाद सेना ने तयासीर और अल-अकाबा गांवों को बंद सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया और वहां बुलडोजर के साथ तलाशी अभियान शुरू किया है. 8 अप्रैल की शाम को अल-अरब शरणार्थी शिविर में एक 15 साल के बच्चे को भी गोली लगी जिससे वह घायल हो गया. हज़मा और हेब्रोन जैसे शहरों में भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए और स्थानीय लोगों के साथ मारपीट की खबरें सामने आई हैं.
सैन्य पाबंदियां और जमीनी हालात पर एक नजर
इसराइली सेना ने हेब्रोन और उसके आसपास के इलाकों में कई सैन्य चौकियां स्थापित की हैं जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. सेना ने दीर सामेत शहर में दो गाड़ियां भी जब्त की हैं और कई घरों की तलाशी ली है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि इसराइल जमीन पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार सैन्य कार्रवाई बढ़ा रहा है. पिछले दो दिनों में हुई घटनाओं का विवरण इस प्रकार है:
| स्थान का नाम | घटना का विवरण |
|---|---|
| तुबास (Tubas) | एक युवक की मौत और इलाके की सैन्य घेराबंदी |
| अल-अरब कैंप | 15 वर्षीय बच्चे का फायरिंग में घायल होना |
| हेब्रोन (Hebron) | गाड़ियों की जब्ती और आंसू गैस का इस्तेमाल |
| बुरिन (Burin) | स्थानीय लोगों पर पेपर स्प्रे से हमला |
| जॉर्डन वैली | सैनिकों द्वारा स्थानीय नागरिक के साथ मारपीट |
| हुज़मा शहर | इलाके में घुसकर आंसू गैस के गोले दागे गए |
फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि गाजा की तरह वेस्ट बैंक में भी हिंसा को तुरंत रोका जाए. दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र आयोग ने कहा है कि इसराइल की जिम्मेदारी है कि वह कब्जे वाले इलाकों में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. 2023 से शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद से वेस्ट बैंक में इस तरह की छापेमारी और टकराव की घटनाओं में काफी तेजी देखी जा रही है.





