कुवैत में गिरे ड्रोन और मिसाइल के टुकड़े, EOD टीम ने 17 जगहों से मलबा हटाया, लोगों को दी गई चेतावनी.
कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां और सेना देश की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। हाल ही में कुवैत की विस्फोटक निस्तारण (EOD) टीमों ने इंटरसेप्शन ऑपरेशनों के बाद गिरे मलबे से जुड़ी 17 नई रिपोर्टों पर काम किया है। पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव के बीच सेना हवा में ही हमलों को नाकाम कर रही है, जिससे गिरे टुकड़ों को हटाने का काम तेजी से चल रहा है।
कुवैत में अभी क्या हालात हैं और प्रशासन ने क्या कहा?
कुवैत के गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने साझा जानकारी में बताया कि उनकी टीमें मलबे की पहचान करने और उसे सुरक्षित तरीके से हटाने में जुटी हैं। कर्नल सऊद अल अतवान ने सशस्त्र बलों की दक्षता और सतर्कता पर जोर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान सेना ने 17 दुश्मन ड्रोनों को हवा में ही रोक दिया था। इससे पहले 7 अप्रैल को भी मंत्रालय ने 59 ऐसी रिपोर्टों पर कार्रवाई की थी, जिससे हमलों की शुरुआत से अब तक कुल रिपोर्टों की संख्या 758 तक पहुंच गई है।
आम जनता और प्रवासियों के लिए सुरक्षा नियम
- लोग मलबे वाली जगहों पर इकट्ठा न हों और न ही किसी संदिग्ध वस्तु को छुएं।
- किसी भी अनजान चीज के दिखने पर तुरंत सुरक्षा विभाग को फोन करें।
- अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें।
- गलत सूचना फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- 6 अप्रैल तक मलबे की वजह से कुछ लोग घायल हुए थे लेकिन किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
कुवैत में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय नियमों का पालन करें और अलर्ट रहें। प्रशासन ने बताया कि हमले के दौरान चेतावनी वाले सायरन भी बजाए गए हैं। सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है और सुरक्षा टीमें प्रभावित इलाकों को साफ करने का काम कर रही हैं।




