ईरान और अमेरिका-इसराइल युद्ध का असर, चीन में प्लास्टिक 60% महंगा हुआ, गल्फ देशों से सप्लाई में बड़ी बाधा.
अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है. इसका सबसे बड़ा असर प्लास्टिक और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री पर पड़ा है, जहाँ चीन के ‘प्लास्टिक सिटी’ कहे जाने वाले झांगमुतौ (Zhangmutou) में कच्चे माल की कीमतें 60 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं. गल्फ देशों से होने वाले पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट में रुकावट आने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव की वजह से सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हुई है.
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युद्ध का वैश्विक बाज़ार और पेट्रोकेमिकल सप्लाई पर क्या असर हुआ?
ईरान के प्रमुख पेट्रोकेमिकल केंद्रों पर हुए हमलों के बाद से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. 7 अप्रैल 2026 को ईरान के माहशहर में अमीर कबीर पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हुए हमले ने बाज़ार में डर का माहौल बना दिया है. शिपिंग कंपनियों जैसे हैपेग-लॉयड (Hapag-Lloyd) का कहना है कि सप्लाई को सामान्य होने में अभी 6 से 8 हफ्ते का समय लग सकता है. इस स्थिति के कारण पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के दानों (Resin) की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
| विवरण | प्रभाव/अपडेट |
|---|---|
| चीन में प्लास्टिक के दाम | 60% की बढ़ोतरी (मार्च से अब तक) |
| ट्रांसपैसिफिक शिपिंग रेट | 30% की वृद्धि |
| होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति | अस्पष्ट और असुरक्षित मार्ग |
| युद्ध विराम का ऐलान | 2 हफ्ते का प्रोविजनल सीजफायर (7 अप्रैल से) |
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर ताज़ा स्थिति क्या है?
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर फिलहाल भ्रम की स्थिति बनी हुई है. जहाँ ईरान के कुछ मीडिया आउटलेट्स ने मार्ग को पूरी तरह बंद करने की खबर दी थी, वहीं कुछ अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान की सेना (IRGC) के साथ तालमेल बिठाने वाले जहाजों को ही निकलने की अनुमति दी जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम की घोषणा तो की है, लेकिन ईरान की तरफ से जहाजों पर टोल टैक्स और कड़ी जांच की मांग ने तनाव को और बढ़ा दिया है. ग्रीस के प्रधानमंत्री ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है.
एक्सपर्ट्स जैसे ‘पेकिंग डक’ के सीईओ जेसन वोंग का कहना है कि यह एक ‘ब्लैक स्वान’ इवेंट है जिसने पूरी दुनिया की पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है. गल्फ देशों से होने वाले एक्सपोर्ट में कमी आने से आने वाले समय में प्लास्टिक से बनी अन्य वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. निवेशक और व्यापारी फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं क्योंकि युद्ध विराम की शर्तें अभी भी स्पष्ट नहीं हैं.




