South Korea का बड़ा कदम, ईरान भेजा स्पेशल दूत, जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए लिया फैसला
South Korea ने अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ईरान में एक स्पेशल दूत भेजने का ऐलान किया है। इसका मुख्य मकसद Strait of Hormuz में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा पक्की करना है।
स्पेशल दूत की नियुक्ति और मकसद क्या है?
दक्षिण कोरिया ने Chung Byung-ha को स्पेशल दूत बनाकर तेहरान भेजा है। यह आधिकारिक घोषणा 10 अप्रैल 2026 को की गई। यह फैसला दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री Cho Hyun और ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच हुई फोन बातचीत के बाद लिया गया। इस दूत का काम मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा करना और दक्षिण कोरियाई नागरिकों और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
Strait of Hormuz में वर्तमान स्थिति क्या है?
इस इलाके में तनाव की वजह से कई दक्षिण कोरियाई जहाज और उनके कर्मचारी फंसे हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के युद्धविराम (ceasefire) पर सहमति बनी थी, जिससे रास्ता खुलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, ईरान ने वहां से गुजरने के लिए अपनी सेना के साथ तालमेल बिठाने और कुछ तकनीकी नियमों का पालन करने की शर्त रखी है।
| विवरण | अनुमानित संख्या |
|---|---|
| फंसे हुए जहाज | 26 से 28 |
| फंसे हुए क्रू मेंबर | 173 से 180 |




