Indian Ocean Conference: ओमान के विदेश मंत्री ने समुद्री सुरक्षा पर दिया बड़ा बयान, अंतरराष्ट्रीय कानून मानने की अपील
ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Al Busaidi ने मौरिशस में आयोजित 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए दुनिया को बताया कि समुद्र में सुरक्षा और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हिंद महासागर को लड़ाई का मैदान नहीं बनने देना चाहिए।
समुद्री सुरक्षा और शांति के लिए क्या सुझाव दिए?
विदेश मंत्री ने कहा कि सभी देशों को मिलकर समुद्र की देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहाजों के आने-जाने की आजादी बनी रहे और समुद्री कानूनों का सम्मान हो। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर को आपसी लड़ाई या कॉम्पिटिशन का जरिया नहीं बनाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण को बचाने और समुद्री अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की बात कही ताकि आने वाला समय सुरक्षित रहे।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम पर क्या बोले?
Sayyid Badr Al Busaidi ने बताया कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से वह खुद कॉन्फ्रेंस में नहीं आ सके। उन्होंने 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया। ओमान ने एक बार फिर अपनी वही पुरानी नीति दोहराई जिसमें बातचीत, तटस्थता और एक-दूसरे के सम्मान को सबसे ऊपर रखा गया है।
कॉन्फ्रेंस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | मौरिशस |
| तारीख | 10 से 12 अप्रैल 2026 |
| आयोजक | India Foundation और मौरिशस सरकार |
| मुख्य वक्ता | S. Jaishankar (भारत के विदेश मंत्री) |
| कुल देश | 45 देशों के प्रतिनिधि |
| कुल डेलीगेट्स | 400 से ज्यादा |
| प्रमुख अतिथि | Navin Ramgoolam (प्रधानमंत्री, मौरिशस) |




