Islamabad Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बड़ी बैठक, ट्रंप ने दी चेतावनी, युद्ध या शांति का होगा फैसला
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को खत्म करने के लिए शनिवार 11 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बहुत अहम बैठक शुरू हुई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner इस बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचे। दोनों देशों के बीच कई हफ्तों के तनाव और सीजफायर के बाद यह हाई-लेवल मीटिंग हो रही है, जिससे दुनिया की नजरें जुड़ी हैं।
अमेरिका का क्या रुख है और ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि उसे सीजफायर की शर्तों को मानना होगा, वरना अमेरिका बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने बताया कि अगर डिप्लोमेसी काम नहीं आई तो अमेरिकी युद्धपोत कार्रवाई के लिए तैयार हैं। वहीं उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अगर ईरान ईमानदारी से बातचीत करना चाहता है तो अमेरिका हाथ मिलाने को तैयार है, लेकिन अमेरिका को धोखा देने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अच्छी नीयत के साथ आया है, लेकिन पुराने टूटे वादों की वजह से उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है। ईरान ने अपनी कुछ मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से लेबनान में सीजफायर और ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस करना शामिल है। ईरान का कहना है कि औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले इन शर्तों को पूरा करना होगा।
पाकिस्तान में क्या माहौल है और अन्य अपडेट्स?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस समिट को संघर्ष खत्म करने के लिए ‘बनाओ या बिगाड़ो’ वाला मौका बताया है। इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा है और लग्जरी होटल के आसपास भारी पुलिस और मिलिट्री फोर्स तैनात है। इस बीच कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:
- ईरान में पिछले 1,000 घंटों से इंटरनेट बंद है।
- चीनी खुफिया जानकारी के मुताबिक चीन ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेज सकता है।
- अगले हफ्ते वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के प्रतिनिधि तनाव कम करने के लिए मिलेंगे।




