Strait of Hormuz Update: यूरोपीय देशों ने बनाया नया प्लान, अमेरिका को रखा बाहर, शिपिंग को सुरक्षित करने की तैयारी
यूरोपीय देश होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ी योजना बना रहे हैं। इस प्लान की खास बात यह है कि इसमें अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है। यह कदम युद्ध के बाद व्यापार को फिर से पटरी पर लाने के लिए उठाया जा रहा है ताकि दुनिया भर में सामान की सप्लाई न रुके।
यूरोपीय देशों का नया प्लान क्या है?
Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय देश एक ऐसा गठबंधन बना रहे हैं जो अमेरिका के बिना काम करेगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि यह एक अंतरराष्ट्रीय रक्षा मिशन होगा। इसमें अमेरिका, इसराइल और ईरान जैसे देशों को शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि वे इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हैं। फ्रांस और ब्रिटेन इस पूरी तैयारी का नेतृत्व कर रहे हैं और जल्द ही कई अन्य देश भी इसमें शामिल होंगे।
इस विवाद से जुड़ी अब तक की मुख्य बातें
इस पूरे मामले में पिछले कुछ समय से कई अहम घटनाक्रम हुए हैं, जिसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमला किया, जिससे ईरान ने रास्ता बंद कर दिया। |
| 19 मार्च 2026 | यूरोपीय नेताओं ने ईरान की हरकतों की निंदा की और सुरक्षित रास्ते की बात कही। |
| 2 अप्रैल 2026 | 40 से ज्यादा देशों ने ब्रिटेन के नेतृत्व में सुरक्षित रास्ते के लिए सहमति जताई। |
| 8 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ। |
| 14 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की और FAO ने खाद्य संकट की चेतावनी दी। |
| 16 अप्रैल 2026 | जर्मनी के इस यूरोपीय मिशन में शामिल होने की संभावना है। |
| 17 अप्रैल 2026 | मैक्रों और ब्रिटेन के पीएम की मीटिंग होगी, जिसमें अमेरिका शामिल नहीं होगा। |
आम लोगों और दुनिया पर इसका क्या असर होगा?
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी दी है कि अगर इस रास्ते पर रुकावट बनी रही तो दुनिया में खाने-पीने की चीजों का बड़ा संकट आ सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी सफलतापूर्वक शुरू कर दी है। फ्रांस चाहता है कि यह रास्ता बिना किसी टैक्स या पाबंदी के सबके लिए खोला जाए। यूरोपीय राजनयिकों ने साफ किया है कि उनके जहाज अमेरिकी कमांड के तहत काम नहीं करेंगे बल्कि ओमान और ईरान के साथ समन्वय करेंगे।




