PM Shehbaz Sharif का सऊदी और तुर्किये दौरा, US-Iran शांति वार्ता के बीच बड़ी हलचल, कतर भी जुड़ा लिस्ट में
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif बुधवार, 15 अप्रैल 2026 से सऊदी अरब, तुर्किये और कतर के दौरे पर जा रहे हैं. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर शुरू होने की उम्मीद है. पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि इलाके में शांति बनी रहे और युद्ध की स्थिति को टाला जा सके.
PM Shehbaz Sharif के दौरे का मुख्य मकसद क्या है?
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif सबसे पहले रियाद जाएंगे और वहां सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से मुलाकात करेंगे. इसके बाद वह तुर्किये और कतर का दौरा करेंगे. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य शांति प्रक्रिया के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करना है. इसमें Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के प्रस्ताव पर भी विशेष बात होगी ताकि व्यापार सामान्य हो सके.
US-Iran शांति वार्ता और अब तक की स्थिति
पाकिस्तान ने 11-12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत की मेजबानी की थी. इसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance और ईरानी प्रतिनिधि शामिल थे. हालांकि इस पहली बैठक में कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, लेकिन बातचीत पूरी तरह टूटी भी नहीं. अब दूसरे दौर की वार्ता जल्द ही इस्लामाबाद में होने की संभावना है.
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू हुआ |
| 8 अप्रैल 2026 | दो हफ्ते का युद्धविराम (Ceasefire) तय हुआ |
| 11-12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में US-Iran के बीच पहली बातचीत हुई |
| 14 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी (Naval Blockade) की |
| 15 अप्रैल 2026 | PM Shehbaz Sharif का सऊदी अरब दौरा शुरू होगा |
| 22 अप्रैल 2026 | वर्तमान युद्धविराम की समय सीमा खत्म होगी |
शांति वार्ता में मुख्य अड़चनें और चुनौतियां
बातचीत में सबसे बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को रोकने की अवधि को लेकर है. अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे 20 साल तक रोके, जबकि ईरान ने 10 साल से कम का समय दिया है. वहीं, ईरान ने अमेरिका पर अपनी मांगों को बहुत ज़्यादा बढ़ाने का आरोप लगाया है. इस तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भी बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है.




