Abu Dhabi में Tesla की सेल्फ ड्राइविंग कार का ट्रायल शुरू, सड़कों पर दौड़ती दिखेगी गाड़ी
Abu Dhabi में अब सड़कों पर एक नई और आधुनिक तकनीक देखने को मिल रही है। यहाँ Tesla की ‘Full Self-Driving’ तकनीक का रोड ट्रायल आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। Integrated Transport Centre (ITC) और Tesla मिलकर यह जांच रहे हैं कि ये गाड़ियां आम रास्तों पर कितनी सुरक्षित हैं। यह अपनी तरह का पहला ऐसा ट्रायल है जो पूरी निगरानी में किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह का खतरा न हो और तकनीक की सही जांच हो सके।
क्या है यह ट्रायल और कैसे काम करेगा?
इस ट्रायल का मुख्य मकसद यह देखना है कि Tesla की गाड़ियां अबू धाबी की ट्रैफिक, रोड साइन और स्थानीय ड्राइविंग के तरीकों को कितना समझ पाती हैं। इसे ‘Legislation Lab’ के तहत शुरू किया गया है, जिसका काम नए नियमों को सुरक्षित तरीके से लागू करना है।
इसमें गाड़ी का सिस्टम काफी हद तक खुद ड्राइविंग करता है, लेकिन इसे पूरी तरह से ‘बिना ड्राइवर वाला’ नहीं कहा जा सकता। नियम के मुताबिक, ड्राइवर सीट पर एक इंसान हमेशा बैठा रहेगा। उसे हर समय अलर्ट रहना होगा ताकि अगर गाड़ी कोई गलती करती है या सिस्टम को समझने में दिक्कत होती है, तो वह तुरंत स्टीयरिंग संभाल सके। इसे तकनीकी भाषा में ‘सुपरवाइज्ड’ यानी निगरानी वाला ट्रायल कहा जा रहा है।
सुरक्षा और नियमों पर खास ध्यान
अधिकारियों ने साफ किया है कि इस पूरे प्रोग्राम में आम लोगों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। ITC के एक्टिंग डायरेक्टर जनरल Dr. Abdulla Hamad AlGhfeli ने बताया कि हम नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देना चाहते हैं, लेकिन सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
इस ट्रायल के दौरान जो डेटा इकट्ठा होगा, उसी के आधार पर यह तय किया जाएगा कि भविष्य में इन गाड़ियों को आम लोगों के लिए पूरी तरह से कब और कैसे लागू किया जाए। यह एक तरह का टेस्ट है जो यह तय करेगा कि दुबई और अबू धाबी की सड़कों पर भविष्य की गाड़ियां कैसी होंगी।
भविष्य की क्या है तैयारी?
यह ट्रायल आधिकारिक तौर पर 26 फरवरी 2026, गुरुवार से शुरू हुआ है। इससे पहले दिसंबर 2025 में Elon Musk ने भी UAE में इस तकनीक के आने के संकेत दिए थे। यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए:
- यह ट्रायल सिर्फ सरकारी निगरानी में हो रहा है, अभी आम जनता के लिए पूरी तरह खुला नहीं है।
- अगर यह ट्रायल सफल होता है, तो आने वाले समय में प्राइवेट गाड़ियों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी इस तकनीक का इस्तेमाल बढ़ सकता है।
- Tesla अब दुनिया भर में अपनी इस सर्विस के लिए ‘सब्सक्रिप्शन मॉडल’ अपना रही है, ताकि लोगों को एक साथ ज्यादा पैसा खर्च न करना पड़े।
- इस प्रोजेक्ट में Abu Dhabi Mobility और स्मार्ट सिस्टम काउंसिल भी सहयोग कर रहे हैं।




