Abu Dhabi Police Action: यूएई में गलत जानकारी और वीडियो फैलाना पड़ा भारी, 100 से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार, लगेगा लाखों का जुर्माना.
अबू धाबी में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने क्षेत्रीय तनाव के दौरान संवेदनशील वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया। पुलिस और सरकार ने इसे सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है और लोगों को चेतावनी दी है कि वे अफवाहों से दूर रहें। अगर आप भी यूएई में रहते हैं तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बेहद सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको सीधे जेल पहुंचा सकती है।
सोशल मीडिया पर इन गलतियों से बचें और जानें क्या है कानून
यूएई के साइबर अपराध कानून के अनुसार किसी भी सैन्य अभियान या संवेदनशील सुरक्षा जगहों की बिना अनुमति फोटो लेना या वीडियो बनाना सख्त मना है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों ने ऐसी घटनाओं को फिल्माया जो सुरक्षा के लिहाज़ से संवेदनशील थीं। सरकार ने साफ़ किया है कि केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही सच मानी जानी चाहिए। अगर आप सोशल मीडिया पर कुछ भी साझा करते हैं तो इन नियमों का ध्यान रखें:
- सैन्य साइटों या रक्षा प्रणालियों की फोटोग्राफी न करें।
- बिना पुष्टि के किसी भी घटना की जानकारी या वीडियो फॉरवर्ड न करें।
- सरकारी बयानों के विपरीत कोई भी खबर साझा करने से बचें।
- निजी मैसेज में भी किसी नकारात्मक या भ्रामक जानकारी को न भेजें।
यूएई में अफवाहें फैलाने पर हो सकती है इतनी कड़ी सज़ा
यूएई सरकार ने अफवाहों और झूठी खबरों को रोकने के लिए बहुत सख्त कानून बनाए हैं। अगर कोई व्यक्ति भ्रामक जानकारी फैलाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे कम से कम एक साल की जेल और 1 लाख दिरहम यानी लगभग 22 लाख रुपये से ज़्यादा का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं अगर साझा की गई जानकारी सरकारी घोषणाओं के खिलाफ है, तो सजा दो साल की जेल और 2 लाख दिरहम तक का जुर्माना हो सकता है।
| अपराध का प्रकार | सज़ा (जेल) | जुर्माना (AED) |
|---|---|---|
| झूठी खबर या अफवाह फैलाना | कम से कम 1 साल | 1,00,000 से अधिक |
| आधिकारिक जानकारी के विरुद्ध पोस्ट | कम से कम 2 साल | 2,00,000 से अधिक |
| संवेदनशील साइट की फोटोग्राफी | कानून के अनुसार जेल | भारी जुर्माना |
अबू धाबी पुलिस और अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने जनता से अपील की है कि वे ज़िम्मेदार बनें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने से सुरक्षा पर बुरा असर पड़ता है और समाज में बेवजह डर फैलता है। प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने से पहले उसके कानूनी परिणामों के बारे में ज़रूर सोचें।




