अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात, मंगलवार रात 8 बजे ट्रंप ले सकते हैं बड़ा फैसला, कुवैत और इसराइल अलर्ट पर.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया गया है, जिसके बाद ईरानी बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले शुरू हो सकते हैं। दुनिया भर की नजरें अब व्हाइट हाउस की ओर टिकी हैं क्योंकि यह समय सीमा अब खत्म होने के करीब पहुंच गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोग इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।
हमले का मुख्य कारण और समय क्या तय हुआ है?
Axios की एक रिपोर्ट के अनुसार, President Donald Trump ने व्यक्तिगत रूप से मंगलवार रात 8:00 बजे ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का फैसला लिया है। कुवैत के समय के हिसाब से यह बुधवार सुबह 4:00 बजे का वक्त होगा। यह फैसला तब लिया गया जब दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत में कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति केवल तब हमले को रोकेंगे जब उन्हें तेहरान की तरफ से समझौते के लिए कोई बहुत मजबूत संकेत मिलेगा।
ईरान की मांगें और बातचीत में रुकावटें क्या हैं?
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में काफी मतभेद नजर आ रहे हैं। Wall Street Journal के मुताबिक, दोनों देशों की मांगों के बीच का अंतर इतना ज्यादा है कि इसे फिलहाल कम करना संभव नहीं लग रहा है। ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को मानने से मना कर दिया है और अपनी तरफ से कुछ शर्तें रखी हैं।
- ईरान चाहता है कि जंग को पूरी तरह से और हमेशा के लिए खत्म किया जाए।
- Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ता बनाया जाए।
- ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाया जाए।
- युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई और देश के पुनर्निर्माण में मदद की जाए।
हालिया तनाव और खाड़ी देशों पर इसका असर क्या होगा?
पिछले 24 घंटों के दौरान तनाव काफी बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक ईरान ने Israel और Kuwait की तरफ मिसाइल और ड्रोन दागे थे, जिसे वहां के एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप की धमकी को एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि युद्ध की स्थिति में यात्रा और सुरक्षा नियमों में बदलाव आ सकते हैं। फिलहाल सभी देशों को अलर्ट पर रखा गया है।




