अगर आप अक्सर एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एटीएम इंटरचेंज शुल्क (ATM interchange fee) में 2 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नया शुल्क 1 मई 2025 से लागू होगा।
क्या है इंटरचेंज शुल्क?
जब आप किसी अन्य बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो आपका बैंक (issuer bank) उस एटीएम के बैंक (acquirer bank) को एक तय शुल्क देता है, जिसे इंटरचेंज शुल्क कहते हैं।
कितना हुआ बदलाव?
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वित्तीय लेन-देन (cash withdrawal) पर शुल्क अब ₹19 होगा।
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गैर-वित्तीय लेन-देन (जैसे बैलेंस इन्क्वायरी आदि) पर शुल्क अब ₹7 होगा।
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ये शुल्क अलग से GST के साथ लागू होगा।
कब लिया गया फैसला?
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6 मार्च 2024 को नेशनल फाइनेंशियल स्विच स्टीयरिंग कमिटी (NFSSC) ने इस बदलाव को मंजूरी दी थी।
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13 मार्च 2025 को NPCI ने सदस्य बैंकों को इसकी सूचना दी।
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RBI ने भी इस पर मुहर लगा दी है और कहा कि इंटरचेंज शुल्क का निर्धारण एटीएम नेटवर्क द्वारा किया जा सकता है।
पहले कितना था शुल्क?
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साल 2021 में इंटरचेंज शुल्क को ₹15 से बढ़ाकर ₹17 किया गया था।
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साथ ही ग्राहकों से लिए जाने वाले अधिकतम शुल्क को ₹20 से बढ़ाकर ₹21 किया गया था।
ग्राहकों पर क्या असर होगा?
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बैंकों के सूत्रों के अनुसार, यह बढ़ा हुआ शुल्क जल्द ही ग्राहकों पर भी लागू किया जाएगा।
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फिलहाल, बैंकों को हर महीने कुछ मुफ्त लेन-देन की सुविधा देनी होती है।
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छह मेट्रो शहरों (बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली) में अपने बैंक के एटीएम से 5 और अन्य बैंकों के एटीएम से 3 मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलते हैं।
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इन फ्री ट्रांजैक्शंस के बाद जो शुल्क लगेगा, वह अब और ज्यादा हो सकता है।
अन्य देशों में क्या बदलाव हुआ?
नेपाल और भूटान में बैलेंस इन्क्वायरी के लिए इंटरचेंज शुल्क ₹7 (GST अलग से) तय किया गया है। लेकिन, वहां कैश विड्रॉल शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
किन सेवाओं पर यह नया शुल्क लागू नहीं होगा?
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माइक्रो एटीएम
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इंटरऑपरेबल कैश डिपॉजिट ट्रांजैक्शन
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अंतरराष्ट्रीय एटीएम निकासी (International withdrawals)