Bahrain Cabinet News: बहरीन सरकार ने ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में की निंदा, देश की सुरक्षा के लिए नया बयान जारी
बहराइन की कैबिनेट ने हाल ही में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में ईरान की आक्रामकता का कड़ा विरोध करने का फैसला लिया है। क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में देश की सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता की समीक्षा की गई। सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है और पड़ोसी देशों पर होने वाले हमलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हमलों और सुरक्षा को लेकर क्या है ताजा डेटा?
बहराइन के सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ समय में अपनी मुस्तैदी से कई बड़े खतरों को सफलतापूर्वक टाला है। कैबिनेट ने बहरीन डिफेंस फोर्स, नेशनल गार्ड और आंतरिक मंत्रालय के काम की तारीफ की है जिन्होंने दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा की है।
- बहराइन के एयर डिफेंस सिस्टम ने 120 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है।
- 190 से ज्यादा दुश्मन ड्रोन को बहरीन की हवाई सीमा में घुसने से पहले ही मार गिराया गया।
- 12 मार्च 2026 को Muharraq Governorate में फ्यूल टैंकों पर हुए हमले को समय रहते काबू कर लिया गया।
- 28 फरवरी 2026 से इन हमलों में तेजी देखी गई है जिसकी विस्तृत जानकारी UN को भेजी गई है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों और कूटनीति पर क्या बोली सरकार?
बहरीन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सबसे जरूरी बताया है। बहरीन ने अब तक पांच बार आधिकारिक तौर पर अपनी शिकायत UN महासचिव को भेजी है जिसमें हमलों के सबूत दिए गए हैं।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| सहयोगी देश | जॉर्डन, मिस्र और सभी GCC सदस्य |
| मुख्य मांग | हमलों को तुरंत रोकना और संप्रभुता का सम्मान करना |
| कूटनीतिक समर्थन | 135 देशों ने UN में बहरीन के प्रस्ताव का समर्थन किया |
कैबिनेट ने किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता और शांति की नीति पर चलने की बात दोहराई है। इस स्थिति का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है इसलिए सुरक्षा के इंतजाम पहले से ज्यादा पुख्ता किए गए हैं। सरकार ने कहा है कि वह अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।




