बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन हमले: दुनिया से मांगी मदद, सुरक्षा को लेकर जारी हुआ नया अलर्ट
बहरीन में पिछले कुछ दिनों से हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्री डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़यानी ने सऊदी अरब, कुवैत और थाईलैंड के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने के लिए चर्चा की है। थाईलैंड ने इन हमलों की निंदा की है और पुष्टि की है कि इससे जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। बहरीन अब अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत आत्मरक्षा का अधिकार इस्तेमाल कर रहा है।
हमलों को रोकने के लिए सरकार ने क्या बड़े कदम उठाए?
बहरीन डिफेंस फोर्स (BDF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी से अब तक सेना ने 106 मिसाइलों और 177 ड्रोन्स को सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया है। सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव 2817 पेश किया था जिसे 136 देशों का समर्थन मिला है। बहरीन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए हर संभव कानूनी और सैन्य कदम उठाएगा। साथ ही समुद्री सुरक्षा के लिए भी विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
यात्रियों और आम जनता के लिए क्या हैं नए निर्देश?
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बहरीन सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कुछ जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। आम नागरिकों और प्रवासियों को इन नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| Bahrain International Airport | फ्लाइट्स के समय में बदलाव और कुछ हवाई रास्तों में संशोधन |
| अमेरिकी दूतावास | गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का निर्देश |
| आम नागरिक | घटना स्थल पर भीड़ न लगाएं ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए |
| पुलिस गश्त | नियम तोड़ने वालों की गाड़ियां जब्त करने और गश्त बढ़ाने के आदेश |
एयरपोर्ट पर सुरक्षा कारणों से कुछ नागरिक उड़ानों में बदलाव किया गया है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदायों को जानकारी दी है कि हमलों के बावजूद बहरीन कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर कायम है। बहरीन पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है और सड़कों पर निगरानी तेज कर दी गई है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए संसद में चल रहे कल्याणकारी कामों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।




