Budget 2026: लोथल और सारनाथ जैसे 15 ऐतिहासिक स्थल बनेंगे वर्ल्ड क्लास, खेलो इंडिया पर भी बड़ा फैसला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए पर्यटन और खेल जगत के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। रविवार को पेश किए गए इस बजट में सरकार ने देश की पुरानी धरोहरों को संवारने और खेल की दुनिया में भारत को महाशक्ति बनाने का रोडमैप तैयार किया है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 15 खास जगहों को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस करेगी। इसके साथ ही, अगले 10 सालों में खेल के क्षेत्र को पूरी तरह बदलने के लिए एक नया मिशन शुरू किया जा रहा है।
15 ऐतिहासिक स्थलों का होगा कायाकल्प
सरकार ने तय किया है कि देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों (Archaeological Sites) को जीवंत सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मकसद न केवल पुरानी इमारतों को बचाना है, बल्कि वहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाना भी है। इन जगहों पर खास तरह के रास्ते (Walkways), जानकारी देने वाले सेंटर और इतिहास को समझाने वाली नई तकनीक का इस्तेमाल होगा।
इन जगहों का बदलेगा नक्शा:
- लोथल (Lothal)
- धोलावीरा (Dholavira)
- राखीगढ़ी (Rakhigarhi)
- आदिचनल्लूर (Adichanallur)
- सारनाथ (Sarnath)
- हस्तिनापुर (Hastinapur)
- लेह पैलेस (Leh Palace)
पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए सरकार एक ‘नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ भी बनाएगी। इसके अलावा, 20 प्रमुख स्थानों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को ट्रेनिंग देने की योजना है। यह ट्रेनिंग 12 हफ्ते की होगी और इसके लिए IIM जैसे संस्थानों की मदद ली जाएगी।
खेलो इंडिया मिशन से बदलेंगे हालात
खेल मंत्रालय के तहत ‘खेलो इंडिया मिशन’ को नए रूप में लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि भारत को दुनिया में एक बड़ी खेल शक्ति (Sporting Superpower) बनाया जाए। इस मिशन के तहत खिलाड़ियों के लिए बुनियादी ट्रेनिंग सेंटर से लेकर हाई-लेवल एलीट सेंटर तक बनाए जाएंगे।
कोच और सपोर्ट स्टाफ की ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि खेल में साइंस और टेक्नोलॉजी का पूरा इस्तेमाल हो ताकि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टक्कर ले सकें। इसके अलावा, भारत को स्पोर्ट्स का सामान बनाने (Sports Manufacturing) का ग्लोबल हब बनाने की भी तैयारी है। इससे खेल के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।





