मोदी कैबिनेट का फैसला, शहरों के विकास के लिए ₹1 लाख करोड़ मंजूर, 4000 से ज्यादा शहरों की बदलेगी सूरत
केंद्र सरकार ने देश के शहरों को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ‘Urban Challenge Fund’ (UCF) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत केंद्र सरकार ₹1 लाख करोड़ की मदद देगी। इस फंड का मकसद शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और लोगों का जीवन आसान बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे अगले पांच सालों में करीब ₹4 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम होगा।
किन शहरों और इलाकों को मिलेगा फायदा
इस योजना का दायरा काफी बड़ा रखा गया है ताकि देश के हर हिस्से में विकास हो सके। इसमें 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले बड़े शहरों के अलावा राज्यों की राजधानियां भी शामिल हैं। सरकार ने छोटे शहरों यानी Tier-II और Tier-III शहरों पर खास ध्यान दिया है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह फैसला शहरों को भविष्य के लिए तैयार करेगा।
- बड़े शहर: 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले सभी शहर।
- राजधानियां: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियां।
- औद्योगिक शहर: 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले बड़े इंडस्ट्रियल हब।
- पहाड़ी राज्य: पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के सभी प्रमुख शहर।
पैसा कहां से आएगा और गारंटी स्कीम
इस पूरे प्रोजेक्ट में पैसे का इंतजाम एक नए तरीके से किया जाएगा। कुल खर्च का 25% हिस्सा केंद्र सरकार देगी, जबकि 25% हिस्सा राज्य सरकार या नगर निगम को देना होगा। बाकी का 50% पैसा मार्केट से यानी लोन या बॉन्ड के जरिए जुटाया जाएगा। छोटे शहरों को लोन लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए ₹5,000 करोड़ की ‘क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी स्कीम’ शुरू की गई है। इसके तहत छोटे शहरों को लोन लेने पर ₹7 करोड़ तक की सरकारी गारंटी मिलेगी।
शहरों में क्या-क्या काम होगा
इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से तीन तरह के कामों के लिए किया जाएगा। सरकार ने इसे तीन हिस्सों में बांटा है ताकि काम सही तरीके से हो सके।
- ग्रोथ हब: शहरों में रोजगार और व्यापार बढ़ाने के लिए नए इलाके विकसित करना।
- नया रूप: पुराने बाजारों, ऐतिहासिक जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को फिर से ठीक करना।
- पानी और सफाई: पीने का पानी, सीवेज सिस्टम और कचरा प्रबंधन को सुधारना।




