Strait of Hormuz के पास मालवाहक जहाज पर हमला, Jebel Ali के करीब समंदर में मचा हड़कंप
गल्फ क्षेत्र में समंदर के रास्ते व्यापार करने वाले जहाजों पर खतरा लगातार बना हुआ है। 12 मार्च 2026 को Strait of Hormuz के पास एक बड़े मालवाहक जहाज (Container Ship) पर हमले की खबर सामने आई है। यह घटना UAE के Jebel Ali पोर्ट से करीब 65 किलोमीटर उत्तर में हुई। जर्मन शिपिंग कंपनी Hapag-Lloyd और UKMTO ने इस बात की पुष्टि की है कि जहाज पर किसी हथियार के टुकड़े (projectile fragments) गिरे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
हमले में क्या हुआ और जहाज का क्या हाल है
इस मालवाहक जहाज का नाम Source Blessing है जो लाइबेरिया के झंडे के साथ समंदर में चल रहा था। जर्मन कंपनी Hapag-Lloyd ने बताया कि जहाज पर सीधे कोई मिसाइल नहीं लगी, लेकिन किसी हथियार के टुकड़े गिरने से जहाज पर आग लग गई।
- जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- क्रू ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और उसे बुझा दिया।
- रात का समय होने के कारण नुकसान का तुरंत पता नहीं चला, लेकिन बाद में इसे मामूली बताया गया।
- यह जहाज फिलहाल Maersk कंपनी के काम में लगा हुआ था।
समंदर में खतरे का अलर्ट और शिपिंग कंपनियों का फैसला
इस हमले के बाद समंदर में जहाजों की सुरक्षा स्थिति को पहले से बढ़ाकर CRITICAL कर दिया गया है। UKMTO ने सभी जहाजों को इस इलाके से गुजरते समय बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा है।
खतरे को देखते हुए Hapag-Lloyd ने 3 मार्च से ही Strait of Hormuz के रास्ते अपने जहाजों की आवाजाही रोक दी है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा है कि मौजूदा हालात में इस रास्ते से गुजरने का रिस्क नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा शिपिंग कंपनियों ने इस रूट पर War Risk Surcharge भी लगा दिया है, जिससे गल्फ देशों में सामान लाना और ले जाना महंगा हो सकता है।
लगातार हो रहे हमले और इलाके में असर
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ONE Majesty और Mayuree Naree नाम के दो अन्य जहाजों पर हमले हुए हैं। इस खतरे को देखते हुए ओमान के Salalah पोर्ट और बहरीन के Khalifa Bin Salman पोर्ट पर कामकाज रोक दिया गया है।
लगातार हो रहे इन ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण UAE ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार जगत के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे सप्लाई चेन और रोजमर्रा के सामानों पर असर पड़ सकता है।





