CBI Investigation: 900 करोड़ के ऑनलाइन फ्रॉड में CBI का बड़ा एक्शन, जय अंबानी से घंटों हुई पूछताछ
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 13 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में जय अंबानी से कई घंटों तक पूछताछ की है। यह मामला एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ा है जिसमें भारत के हजारों लोगों से करीब 900 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। जांच में सामने आया है कि दुबई के फिनटेक प्लेटफॉर्म Pyypl का इस्तेमाल करके इस ठगी के पैसे को देश से बाहर भेजा गया था।
🗞️: Big Ticket Abu Dhabi: 4 भारतीय और 1 बांग्लादेशी की चमकी किस्मत, सभी ने जीते 1-1 लाख दिरहम।
क्या है 900 करोड़ का यह ऑनलाइन फ्रॉड और कैसे हुई ठगी
यह पूरा मामला पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर की गई धोखाधड़ी का है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाया जाता था और शुरुआत में छोटे मुनाफे देकर उनका भरोसा जीता जाता था। इसके बाद बड़ी रकम निवेश कराकर उस पैसे को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस रैकेट को दिल्ली के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक कुमार शर्मा चला रहे थे जिन्हें इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है।
दुबई के Pyypl ऐप का कैसे हुआ इस्तेमाल
ठगी के पैसों को भारत से बाहर भेजने के लिए दुबई के फिनटेक प्लेटफॉर्म Pyypl का सहारा लिया गया। साइबर अपराधियों ने इस ऐप के जरिए अंतरराष्ट्रीय डेबिट कार्ड, वीजा और मास्टरकार्ड नेटवर्क का इस्तेमाल करके पैसों को विदेश भेजा और उसे क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया। गृह मंत्रालय की विंग I4C ने सबसे पहले इस मामले की जानकारी दी थी जिसके बाद CBI ने दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पंजाब में 15 ठिकानों पर छापेमारी करके अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
आगे क्या होगी कार्रवाई और लोगों के लिए सलाह
CBI ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया है। जय अंबानी को शेल कंपनियों से जुड़े कुछ लेन-देन को स्पष्ट करने के लिए दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। प्रशासन ने आम लोगों और प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान विदेशी ऐप या ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाले इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म पर पैसे न लगाएं।




