CENTCOM रिपोर्ट: ईरान के मिसाइल हमले 90% घटे, अमेरिका ने 100 घंटे में नष्ट किए 2000 ठिकाने
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक ताजा रिपोर्ट जारी कर बताया है कि ईरान की तरफ से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 फीसदी की भारी कमी आई है। यह जानकारी 5 मार्च 2026 को फ्लोरिडा में हुई एक ब्रीफिंग के दौरान एडमिरल ब्रैड कूपर ने दी। सऊदी अरब की मीडिया ने भी इस खबर को प्रमुखता से छापा है। अधिकारियों का कहना है कि जब से सैन्य ऑपरेशन शुरू हुआ है, तब से ईरानी हमलों की क्षमता काफी हद तक कम हो गई है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में क्या-क्या हुआ नष्ट?
अमेरिका और इजरायल की सेना ने मिलकर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के अंदर लगभग 2000 ठिकानों को निशाना बनाया है। यह पूरी कार्रवाई 100 घंटे से भी कम समय में की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में काफी नुकसान हुआ है:
- ईरान के 30 से ज्यादा नौसैनिक जहाज (Naval Vessels) नष्ट या डूब गए हैं।
- इसमें एक बड़ा ड्रोन कैरियर जहाज भी शामिल है जो आग की लपटों में घिरा हुआ बताया गया।
- अमेरिकी सेना ने पहली बार Precision Strike Missiles (PrSMs) का इस्तेमाल किया है।
- ड्रोन हमलों में भी कुल 83 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
तेल की कीमतें और हवाई क्षेत्र पर कब्जा
इस संघर्ष का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिख सकता है क्योंकि दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की ट्रेजरी तेल के दाम स्थिर करने के लिए जल्द ही दखल दे सकती है। दूसरी तरफ, अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरानी हवाई क्षेत्र पर उनका पूरा नियंत्रण (Uncontested control) है, जिससे वे 24 घंटे निगरानी कर पा रहे हैं। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी राजनयिकों को शरण लेने की सलाह दी है, हालांकि ईरान अभी भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का दावा कर रहा है।




