दक्षिण अमेरिकी देश चिली (Chile) एक बार फिर कुदरत के कहर का सामना कर रहा है। देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में जंगलों में लगी आग ने भयानक रूप ले लिया है। इस त्रासदी में अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों में इमरजेंसी घोषित कर दी है।
15 लोगों की दर्दनाक मौत, बायोबियो में सबसे ज्यादा तबाही
चिली के सुरक्षा मंत्री लुइस कॉर्डेरो ने पुष्टि की है कि आग की चपेट में आने से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान बायोबियो (Biobio) क्षेत्र में हुआ है, जहां 15 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि एक मौत न्यूबल (Nuble) क्षेत्र में हुई है। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 250 से ज्यादा घर पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं।
50 हजार लोगों का रेस्क्यू, समुद्र किनारे ली शरण
आग की लपटें रिहायशी इलाकों की तरफ इतनी तेजी से बढ़ीं कि लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पेंको और लिरकेन जैसे शहरों से करीब 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है। आग से बचने के लिए हजारों लोग अपने घरों से भागकर समुद्र के किनारे (Beaches) जमा हो गए हैं। बचाव कार्यों के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन तेज हवाओं के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं।
राष्ट्रपति ने घोषित की ‘स्टेट ऑफ कैटास्ट्रोफी’
हालात की गंभीरता को देखते हुए चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्रों में ‘स्टेट ऑफ कैटास्ट्रोफी’ (State of Catastrophe) यानी आपदा की स्थिति घोषित कर दी गई है। इस घोषणा के बाद अब आग बुझाने और लोगों को बचाने के लिए सेना (Armed Forces) को भी मैदान में उतार दिया गया है। राष्ट्रपति ने कहा है कि सरकार के पास मौजूद सभी संसाधन आग पर काबू पाने के लिए लगा दिए गए हैं।
तेज हवाओं और गर्मी ने बढ़ाई मुश्किल
चिली में इस समय गर्मी का मौसम है और तापमान 38 डिग्री सेल्सियस (100°F) तक पहुंच गया है। इसके साथ ही तेज हवाएं आग को और भड़का रही हैं। रानकिल इलाके में सबसे बड़ी आग लगी है, जिसने अकेले 2,200 हेक्टेयर जंगल को जला दिया है। फिलहाल देश भर में करीब 4,000 फायरफाइटर्स आग बुझाने में जुटे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी देश में 19 से 24 जगहों पर आग सक्रिय है, जिसे बुझाने की कोशिशें जारी हैं।
2024 में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
चिली के लिए जंगल की आग कोई नई मुसीबत नहीं है। यह घटना 2024 की त्रासदी की याद दिलाती है, जब मध्य चिली में लगी भीषण आग में 138 लोगों की मौत हो गई थी। गृह मंत्री अल्वारो एलिजाल्डे ने वर्तमान स्थिति को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया है। जलवायु परिवर्तन और अल नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण दक्षिण अमेरिका के इस हिस्से में गर्मी और सूखे की वजह से आग लगने की घटनाएं बार-बार हो रही हैं।
Last Updated: 19 January 2026




