भारतीय क्रिकेट जगत में जहां एक और आईपीएल चल रहा है वहीं दूसरी ओर भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज का निधन हो गया है. जितने उनके बल्लेबाजी के किस्से मशहूर हैं वैसे ही उनकी जिंदादिली और जिंदगी की कहानियां भी मशहूर हैं.

पूर्व क्रिकेटर दुर्रानी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया.

भारतीय क्रिकेटर दुर्रानी के कई किस्से आज भी दर्शकों के जेहन में है. यह वह क्रिकेटर थे जो अफगानिस्तान के काबुल के पठान खानदान से ताल्लुक रखते हुए भारत पहुंचे और भारतीय क्रिकेट के शहजादे सलीम के रूप में हमेशा के लिए यादों में जुड़ गए. महान खिलाड़ी के गुजरने के उपरांत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसके साथ ही साथ सचिन तेंदुलकर ने भी अपना शोक संदेश जारी किया है.

दर्शकों की मांग पर छक्का मारते थे.

सबसे मशहूर बात इस पूर्व क्रिकेटर किया थी कि वह अपने दर्शकों का कभी दिल नहीं तोड़ते थे । 60 और 70 के दशक में जब वह मैदान पर खेलते थे तब अगर दर्शक छक्का के लिए मांग कर देते थे तब वह दिल नहीं तोड़ते थे ।

इंग्लैंड के मशहूर ईडन गार्डन में मैच चल रहा था और लगभग 90000 दर्शक बैठे थे तब एक सुर में सिक्सर सिक्सर चिल्लाते थे और फिर यह देखते हैं यह महान खिलाड़ी जोरदार बल्ले से प्रहार कर गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेज देते थे.

नहीं लेते थे मैच का फीस.

उस वक्त के दरमियान एक टेस्ट मैच खेलने पर ₹300 दिए जाते थे लेकिन दुर्रानी सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए खेल भावना से जबरदस्त मोहब्बत के साथ खेलते थे.

टेस्ट मैच में नहीं खिलाया तो लोगों ने कर दिया था वापस.

एक वक्त था जब कानपुर में टेस्ट मैच रखा गया था लेकिन उसमें सलीम दुर्रानी को नहीं खिलाया गया था जिसके बाद लोगों ने नो सलीम नो टेस्ट का पोस्टर लगाया और अपना विरोध जताया था जिसके बाद अगले ही मैच मुंबई टेस्ट में उन्हें मौका दिया गया.