पूरे भारत में घटेगा पेट्रोल डीज़ल का दाम, रेकर्ड सस्ता हुआ कच्चा तेल. कम से कम 7 से 10 रुपया का होगा राहत
Crude oil record low fuel prices to be lowered soon: देशभर में ईंधन के बढ़ते कीमत के वजह से महंगाई काफी ऊपर गई है और अब इसमें राहत के लिए भारतीय जनता लंबे समय का इंतजार पूरा कर चुकी है. त्योहारों के मौसम आने वाले हैं ऐसी स्थिति में लोगों को अब महंगे इंधन से निजात मिलने के आसार नजर आने लग गए हैं.
रिकर्ड सस्ता हुआ क्रूड तेल
वैश्विक मंदी की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड) की कीमतें लगातार नीचे की तरफ जा रही हैंसोमवार को क्रूड की कीमतें जनवरी, 2022 के बाद पहली बार 85 बैरल से भी नीचे आ गई हैं। हालांकि आम जनता को पेट्रोल और डीजल कीमतों में कब राहत मिलेगी इसको लेकर सरकारी तेल कंपनियों ने चुप्पी साध रखी है.

सरकार हैं चुप तो फ़ायदा कम्पनी को
तेल कंपनियों ने पेट्रोल व डीजल कीमतों में अंतिम वृद्धि छह अप्रैल, 2022 को की थी। यह वृद्धि मार्च, 2022 की क्रूड की औसत कीमत 112.87 डालर प्रति बैरल के आधार पर की गई थी। दूसरी तरफ सितंबर, 2022 में अभी तक भारतीय कंपनियों ने क्रूड के लिए औसत कीमत 92.04 डालर का भुगतान किया है। यानी क्रूड की औसत कीमत में 20 डालर से ज्यादा कमी आने के बावजूद आम जनता को अभी राहत नहीं दी गई है।
सरकार जल्द कम करने वाली हैं दाम
सरकार इस घटे हुए कच्चे तेल का लाभ त्योहारी मौके पर देशवासियों को देने का ऐलान कभी भी कर सकती है. अक्टूबर के पहले सप्ताह में सरकार के द्वारा होने वाले सीएनजी सीएनजी गैस के दामों के पुनः निर्धारण को लेकर होने वाली बैठक में पेट्रोल डीजल के दामों पर भी निर्णय लिया जाएगा. सरकार अगर घटे हुए कच्चे तेल का आंशिक लाभ भी देती है तब भी औसतन 7 रुपए से 10 रुपए तक ईंधन के दाम सस्ते हो जाएंगे.
सरकार ने बताया हमने जनता को बचाया
केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय कंपनियों ने अप्रैल, 2022 में औसत 102.97 डालर प्रति बैरल, मई, 2022 में 109.51 डालर, जून, 2022 में 116.01 डालर, जुलाई में 105.49 डालर, अगस्त में 97.40 डालर और सितंबर में 92.04 डालर की दर से क्रूड की खरीद की है। इस दौरान देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत सरकारी तेल कंपनियों ने 22 मार्च से छह अप्रैल, 2022 के दौरान बढ़ाई हैंदोनों की कीमतों में तकरीबन 10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। उसके बाद क्रूड के 116 डालर प्रति बैरल पहुंचने के बावजूद आम जनता पर ज्यादा बोझ नहीं डाला गया।



