Donald Trump के बयान से कच्चे तेल के दाम में 5% का उछाल, ईरान युद्ध जारी रहने की चेतावनी से मचा हड़कंप
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 फीसदी की तेजी देखी गई है। Trump ने अपने संबोधन में साफ किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले हफ्तों में हमले और भी कड़े हो सकते हैं। इस स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
Donald Trump ने ईरान युद्ध को लेकर क्या बड़े दावे किए?
राष्ट्रपति Trump ने बताया कि ‘Operation Epic Fury’ के जरिए ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने अपने संबोधन में कुछ मुख्य बातें साझा कीं जो इस प्रकार हैं:
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान के 92 फीसदी बड़े नौसैनिक जहाज अब नष्ट हो चुके हैं।
- उन्होंने कहा कि परमाणु ठिकानों को B-2 बॉम्बर विमानों की मदद से पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
- Trump ने चेतावनी दी कि यदि कोई नया समझौता नहीं होता है, तो अगले दो से तीन हफ्तों तक ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे।
- उन्होंने ‘Strait of Hormuz’ का उपयोग करने वाले देशों से अपील की कि वे इस रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाएं।
ईरान की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई और दुनिया पर क्या असर पड़ा?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा कि ईरान ने किसी भी तरह के संघर्ष विराम (Ceasefire) की मांग नहीं की है। इस तनाव का सीधा असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर दिखने लगा है:
| देश/क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| सऊदी अरब | सेना ने पांच दुश्मन ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट किया। |
| चीन | एयरलाइंस ने घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की। | ऊर्जा संकट की चिंताओं के बीच सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू। |
| Hezbollah | उत्तरी इजरायल पर ड्रोन और रॉकेट से हमले किए गए। |
खाड़ी देशों की स्थिति और भविष्य की रणनीति
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश इस मामले में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। सऊदी अरब ने इस युद्ध को मध्य पूर्व की स्थिति बदलने का एक ऐतिहासिक मौका बताया है और ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है। खबरों के मुताबिक UAE तेल सप्लाई के रास्ते को खुला रखने के लिए अपनी जमीनी सेना भेजने पर भी विचार कर रहा है। दूसरी तरफ कतर और ओमान जैसे देश अभी भी बातचीत के जरिए शांति का रास्ता खोजने की कोशिश में जुटे हैं। तनाव की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी चिंता बढ़ गई है।




