कुवैत का एयरस्पेस अचानक बंद होने के कारण अपनी ड्यूटी पर लौट रहे 10 प्रवासी कामगार (OFWs) बार्सिलोना (स्पेन) में फंस गए थे। 1 मार्च 2026 से फंसे इन कामगारों को दूतावास और ओवरसीज वर्कर्स वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेशन (OWWA) की मदद से सुरक्षित रखा गया। 10 मार्च को मिली जानकारी के अनुसार, कुवैत एयरवेज के सहयोग से यह ग्रुप सऊदी अरब के दम्माम पहुंच रहा है, जहां से वे सड़क मार्ग के जरिए कुवैत में एंट्री करेंगे। खाड़ी देशों में जारी तनाव के कारण यह स्थिति कुवैत लौटने वाले कई प्रवासियों को प्रभावित कर रही है।

एयरस्पेस बंद होने का कारण और एयरपोर्ट की स्थिति

क्षेत्रीय सुरक्षा और मिलिट्री तनाव को देखते हुए कुवैत का एयरस्पेस 28 फरवरी और 1 मार्च को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई है और यह आंशिक रिकवरी के चरण में है।

8 मार्च को कुवैत एयरपोर्ट के पास फ्यूल टैंक (KAFCO) पर एक ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले के कारण आग लग गई थी जिसे दमकल टीमों ने बुझा लिया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है और एयरपोर्ट को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को अभी भी कैंसिल या डायवर्ट किया जा रहा है।

फंसे हुए प्रवासियों के लिए सरकार के नए फैसले

कुवैत वापस लौटने वाले प्रवासियों और कामगारों को राहत देने के लिए कुछ अहम नियम और वैकल्पिक रास्ते बनाए गए हैं। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अपनी नौकरी पर वापस नहीं लौट पा रहे हैं।

  • सैलरी और नौकरी का नियम: कुवैत सरकार ने 8 मार्च को एक नया आदेश जारी किया है। इसके अनुसार, एयरस्पेस बंद होने के कारण जो कर्मचारी विदेश में फंसे हैं, उनके बाहर रहने के समय को वर्किंग टाइम माना जाएगा। इसका मतलब है कि उनकी अनुपस्थिति पर उन्हें पूरी सैलरी मिलेगी।
  • सड़क मार्ग का इस्तेमाल: फ्लाइट्स की पाबंदियों को देखते हुए, कुवैत, बहरीन और कतर जाने वाले प्रवासियों को सऊदी अरब के रास्ते सड़क मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।
  • राहत और विशेष फंड: फिलीपींस सरकार ने अपने नागरिकों के लिए 1.286 अरब पेसो का इमरजेंसी फंड जारी किया है। जो लोग वापस अपने देश लौटना चाहते हैं, उन्हें भी मदद दी जा रही है। अब तक 1,416 लोगों ने वापसी के लिए आवेदन किया है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.