कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल डिपो पर ड्रोन हमला, विमानों की आवाजाही पर पड़ा असर
25 मार्च 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल डिपो पर एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के बाद वहां के फ्यूल टैंकों में भयंकर आग लग गई जिसे बुझाने के लिए सेना, नेशनल गार्ड और फायर फोर्स की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 20 मिसाइलें और 9 ड्रोन देखे गए थे जिनमें से अधिकतर को नष्ट कर दिया गया लेकिन दो ड्रोन एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक तक पहुँचने में कामयाब रहे।
ℹ: क्षेत्रीय तनाव के बीच कुवैत में तमु सोसाइटी ने किया 10वां रक्तदान शिविर, 126 लोगों ने किया दान।
इस हमले से क्या नुकसान हुआ और सुरक्षा की क्या स्थिति है?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने जानकारी दी है कि हमले से केवल भौतिक क्षति हुई है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि एयरपोर्ट का रडार सिस्टम और फ्यूल टैंक काफी खराब हो गए हैं जिसकी वजह से काम पर असर पड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली ने खुद एयरपोर्ट का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। फिलहाल क्षेत्रीय तनाव और बार-बार हो रहे हमलों की वजह से कमर्शियल उड़ानें बड़े पैमाने पर बंद हैं जिससे प्रवासियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुवैत में पिछले कुछ दिनों में हुए बड़े हमलों का ब्यौरा
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। अधिकारियों ने ईरानी राजदूत को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया है। 28 फरवरी के बाद से कुवैत के अलग-अलग हिस्सों पर कई बार हमले हो चुके हैं जिनका विवरण आप नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| तारीख | हमले वाली जगह | नुकसान का प्रकार |
|---|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | सीमावर्ती क्षेत्र | क्षेत्रीय संघर्ष की शुरुआत |
| 8 मार्च 2026 | फ्यूल टैंक | धमाका और आगजनी |
| 14 मार्च 2026 | रडार सिस्टम | तकनीकी खराबी और क्षति |
| 25 मार्च 2026 | एयरपोर्ट फ्यूल डिपो | ड्रोन हमला और भारी धुआं |
| 27 मार्च 2026 | शुवेख बंदरगाह | वाणिज्यिक पोर्ट पर भौतिक नुकसान |
कुवैती सशस्त्र बलों ने बताया कि उनकी हवाई सुरक्षा प्रणाली ने पिछले कुछ दिनों में कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। सरकार अब आत्मरक्षा के अधिकार के तहत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी बात रख रही है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।




