सउदी अरब में भारतीय दूतावास ने एक बार फिर अपनी तत्परता दिखाते हुए एक गंभीर रूप से बीमार भारतीय नागरिक को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। केरल के मलप्पुरम जिले के रहने वाले शाकिर जमाल मुल्लक्कल पिछले काफी समय से सउदी अरब के दमाम शहर में फंसे हुए थे। वे वहां ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सामान्य तरीके से भारत लाना मुश्किल था, लेकिन दूतावास के लगातार प्रयासों ने इसे संभव कर दिखाया।
ब्रेन ट्यूमर के कारण दमाम के अस्पताल में लंबे समय से भर्ती थे शाकिर, दूतावास रख रहा था सेहत पर लगातार नजर
शाकिर की हालत काफी नाजुक थी, जिसके चलते उन्हें दमाम के एक अस्पताल में लंबे समय तक उपचार के लिए भर्ती रहना पड़ा। इस दौरान भारतीय दूतावास ने मानवीय आधार पर सक्रियता दिखाते हुए उनकी सुध ली। दूतावास के अधिकारी नियमित रूप से अस्पताल के संपर्क में रहे और शाकिर की स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लेते रहे। दूतावास का प्रयास था कि जैसे ही शाकिर की हालत में थोड़ा सुधार हो और वे यात्रा करने की स्थिति में आएं, उन्हें तुरंत उनके परिवार के पास भारत भेजा जा सके।
यात्रा के लिए मंजूरी मिलते ही किया गया विशेष इंतजाम, मेडिकल एस्कॉर्ट और स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित भेजा गया घर
जैसे ही चिकित्सकों ने शाकिर को हवाई यात्रा के लिए उपयुक्त (Feasible) पाया, दूतावास ने उनकी वतन वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी। उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए सामान्य सीट पर यात्रा करना संभव नहीं था, इसलिए दूतावास ने उनके लिए विमान में स्ट्रेचर का विशेष प्रबंध किया। इतना ही नहीं, यात्रा के दौरान उनकी तबीयत न बिगड़े और वे सुरक्षित रहें, इसके लिए एक मेडिकल एस्कॉर्ट (चिकित्सकीय सहायक) को भी उनके साथ भेजा गया। दूतावास की इस मदद से शाकिर अब अपने वतन और परिवार के बीच लौट सके हैं।




