Red Sea Shipping Alert: यूरोपीय नौसेना ने जारी किया अलर्ट, हूतियों और ईरान के समर्थन से जहाजों पर खतरा बढ़ा
यूरोपीय संघ के नौसेना मिशन (EUNAVFOR ASPIDES) ने समुद्र में जहाजों के लिए एक नया अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट हूतियों द्वारा ईरान को मिल रहे समर्थन और बढ़ते हमलों को देखते हुए जारी किया गया है। लाल सागर में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि हूतियों ने इस क्षेत्र में अपने सैन्य ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। सभी समुद्री जहाजों को सुरक्षा चैनलों के माध्यम से पंजीकरण और समन्वय करने की सलाह दी गई है।
🗞️: Iran Israel Conflict: ईरान ने इजरायल पर दागी मिसाइलें, खाड़ी देशों में अलर्ट और कई लोग घायल।
शिपिंग अलर्ट में क्या कहा गया है और किन बातों का रखना होगा ध्यान?
यूरोपीय संघ के नौसेना मिशन ने साफ कहा है कि अब किसी भी जहाज पर हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रीस के लारिसा में स्थित मिशन का मुख्यालय स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। जहाजों को सलाह दी गई है कि वे समुद्री सुरक्षा चैनलों के साथ संपर्क बनाए रखें। इस मिशन में इटली, फ्रांस और ग्रीस के जहाज शामिल हैं जो लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। फिलहाल इस मिशन का दायरा बढ़ाने पर विचार हो रहा है लेकिन अभी इसे केवल लाल सागर तक ही सीमित रखा गया है।
क्षेत्रीय तनाव और विभिन्न देशों की वर्तमान स्थिति
| क्षेत्र या देश | ताज़ा घटनाक्रम और प्रभाव |
|---|---|
| लाल सागर | हूतियों ने इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमले तेज किए |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | ईरान ने रास्ता रोका, केवल मानवीय मदद वाले जहाजों को अनुमति |
| UAE और बहरीन | एल्युमीनियम प्लांट पर हमले का दावा, एयर डिफेंस सिस्टम अलर्ट पर |
| अमेरिका | 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिक क्षेत्र में पहुंचे, सैन्य कार्रवाई जारी |
| पाकिस्तान | ईरान ने 20 पाकिस्तानी जहाजों को निकलने का रास्ता दिया |
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने UAE और बहरीन में कुछ ठिकानों पर हमले का दावा किया है। इसके बाद खाड़ी देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। ओमान ने भी अपने क्षेत्र में होने वाले हमलों की निंदा की है। अमेरिका ने ईरान को 6 अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समय दिया है। इस तनाव का सीधा असर व्यापारिक मार्गों और जहाजों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। कल यानी 30 मार्च को पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब जैसे देश हालात को सामान्य करने के लिए बैठक करेंगे।




