G7 देशों का बड़ा ऐलान, ईरान विवाद से बढ़ते तेल के दामों को रोकने के लिए उठाएंगे कड़े कदम
ईरान में चल रहे तनाव और Strait of Hormuz के बंद होने के बाद दुनिया भर में ऊर्जा का संकट गहरा गया है। इस बीच G7 देशों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की है और घोषणा की है कि वे तेल और ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं। खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 116 से 120 डॉलर प्रति बैरल के बीच पहुंच गई है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब और देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
ईरान संकट से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से तेल की सप्लाई में बड़ी रुकावट आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है, जिससे भारत और चीन जैसे एशियाई देशों को होने वाला एक्सपोर्ट रुक गया है।
- Brent crude तेल की कीमतें बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
- खाड़ी देशों का 64% कच्चा तेल और 96% LPG एक्सपोर्ट अभी रुका हुआ है।
- जापान और फ्रांस जैसे देशों ने चेतावनी दी है कि इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है।
- इस विवाद की वजह से औद्योगिक गैस, खाद और एल्यूमीनियम की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
बाजार को संभालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
G7 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों ने मिलकर यह तय किया है कि वे तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए साथ काम करेंगे। इसमें सबसे अहम रोल International Energy Agency (IEA) का होगा।
| संस्था/देश | मुख्य कदम और तैयारी |
|---|---|
| IEA | पहले ही 40 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल जारी किया जा चुका है और भविष्य में और स्टॉक निकाला जाएगा। |
| G7 ग्रुप | ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने के लिए जरूरी फंड और पॉलिसी तैयार की जा रही है। |
| जापान | अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए तेल के सुरक्षित भंडार (Reserves) से और तेल जारी करने की तैयारी में है। |
| रूस प्रतिबंध | G7 ने साफ किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े प्रतिबंधों का दबाव जारी रहेगा। |
G7 देशों ने सभी मुल्कों से अपील की है कि वे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर कोई गलत पाबंदी न लगाएं। अमेरिका भी G7 देशों से समर्थन मांग रहा है ताकि ईरान द्वारा लगाए गए समुद्री रास्ते के ब्लॉक को हटाया जा सके और व्यापार फिर से शुरू हो सके।




