इज़राइल का बड़ा प्रस्ताव, सऊदी अरब के रास्ते बिछेगी नई तेल पाइपलाइन, हॉर्मुज की टेंशन होगी खत्म
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित बनाने के लिए एक नया और बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि तेल और गैस की पाइपलाइनों को सऊदी अरब के रास्ते भूमध्य सागर तक पहुँचाया जाए। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ईरान के प्रभाव वाले Strait of Hormuz और Bab el-Mandeb जैसे समुद्री रास्तों को बाईपास करना है ताकि वैश्विक तेल बाज़ार में सप्लाई बिना किसी रुकावट के चलती रहे।
इस नई पाइपलाइन योजना से क्या फायदा होगा?
Netanyahu के अनुसार, अगर तेल और गैस को पाइपलाइन के जरिए सीधे इज़राइल के बंदरगाहों तक लाया जाता है, तो समुद्री खतरों और युद्ध की वजह से होने वाली रुकावटों से बचा जा सकेगा। अभी Strait of Hormuz एक ऐसा इलाका है जहाँ से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल मंगवाता है, लेकिन क्षेत्र में तनाव के कारण यह रास्ता असुरक्षित होता जा रहा है। इस नए रास्ते से सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों का तेल सुरक्षित तरीके से सीधे पश्चिम की ओर भेजा जा सकेगा। इज़राइली प्रधानमंत्री ने इसे एक स्थायी समाधान बताया है जो भविष्य में इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
सऊदी अरब और तेल बाज़ार की मौजूदा स्थिति क्या है?
सऊदी अरब की सरकारी कंपनी Saudi Aramco ने पहले ही अपनी मौजूदा ‘East-West’ पाइपलाइन की क्षमता को बढ़ा दिया है। अब इस रास्ते से रोज़ाना 70 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा जा रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम मौजूदा संकट में तेल बाज़ार को स्थिर रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इसके अलावा, लाल सागर के Yanbu पोर्ट से भी करीब 50 लाख बैरल तेल का निर्यात हो रहा है। अमेरिकी प्रशासन भी तेल की कीमतों को लेकर चिंतित है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
पाइपलाइन और ऊर्जा सप्लाई से जुड़े मुख्य आंकड़े
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| प्रस्तावित रूट | सऊदी अरब से होते हुए इज़राइल के मेडिटेरेनियन पोर्ट तक |
| सऊदी अरब की वर्तमान क्षमता | 70 लाख बैरल प्रतिदिन (East-West पाइपलाइन) |
| रिपोर्ट की तारीख | 31 मार्च 2026 |
| मुख्य प्रभावित क्षेत्र | Strait of Hormuz और Bab el-Mandeb |
| संबद्ध देश | इज़राइल, सऊदी अरब, अमेरिका और ईरान |




