Gaza में इजरायली सेना की गोलीबारी में युवक की मौत, हजारों मरीजों की जान अटकी
गाजा पट्टी में पिछले 24 घंटों के दौरान इजरायली गोलीबारी के कारण कम से कम एक फिलिस्तीनी की मौत हो गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हजारों गंभीर रूप से बीमार और घायल लोग इलाज के लिए बाहर जाने का इंतजार कर रहे हैं। राफा क्रॉसिंग पर लगी सख्त पाबंदियों के कारण इन मरीजों को तत्काल मेडिकल मदद नहीं मिल पा रही है और वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।
👉: UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद दिल्ली पहुंचे, भारत के साथ AI और तकनीक पर होगा बड़ा करार।
हाल के दिनों में गाजा में कहां-कहां हमले हुए?
बुधवार, 18 फरवरी 2026 को खान यूनिस के पूर्वी इलाके में इजरायली बलों ने 20 वर्षीय मुहंद जमाल अल-नज्जार की गोली मारकर हत्या कर दी। नासिर अस्पताल के मेडिकल सूत्रों ने इस मौत की पुष्टि की है। चश्मदीदों के मुताबिक, इलाके में तैनात इजरायली सैन्य वाहनों से भारी गोलीबारी की गई। इजरायली सेना ने अभी तक इस विशेष घटना पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
इससे पहले भी पिछले कुछ दिनों में कई घातक घटनाएं हुई हैं:
- 16 फरवरी: गाजा सिटी के शुजैया इलाके में इजरायली शेलिंग में एक फिलिस्तीनी की मौत हुई।
- 15 फरवरी: विस्थापित परिवारों के टेंट पर हुए हवाई हमले में कम से कम चार लोगों की जान गई।
- 8 फरवरी: उत्तरी और मध्य गाजा पट्टी में अलग-अलग घटनाओं में दो फिलिस्तीनियों की मौत हुई।
राफा क्रॉसिंग और मरीजों की क्या स्थिति है?
राफा क्रॉसिंग, जो गाजा के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लगभग 11 महीनों बाद फरवरी 2026 की शुरुआत में आंशिक रूप से खुली थी। इसका मकसद मेडिकल इमरजेंसी वाले मरीजों को बाहर भेजना था। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 20,000 फिलिस्तीनियों को तुरंत इलाज के लिए बाहर भेजने की जरूरत है, लेकिन अनुमति बहुत कम लोगों को मिल रही है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि क्रॉसिंग खुलने के बाद से अब तक केवल 260 मरीजों को ही निकाला जा सका है। अनुमान है कि 18,500 से ज्यादा लोग अभी भी इलाज के इंतजार में हैं जो गाजा के अंदर उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा प्रक्रिया बहुत धीमी है और इससे हजारों लोगों की जान को सीधा खतरा है।
सेना और अंतराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है?
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने हालिया घटनाओं के संबंध में कहा है कि उनके सैनिकों ने उन संदिग्धों पर गोली चलाई जो वर्तमान सीजफायर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करके उनकी सेना के करीब आ रहे थे। दूसरी ओर, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने राफा क्रॉसिंग की स्थिति पर चिंता जताई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) और WHO जैसी संस्थाओं ने मानवीय स्थिति को काफी गंभीर बताया है। उन्होंने कहा है कि सहायता पहुंचाने में चुनौतियां आ रही हैं और मेडिकल निकासी की सख्त जरूरत है। अक्टूबर 2025 से लागू अमेरिकी समर्थित सीजफायर समझौते के बावजूद कई जगहों पर हिंसा की खबरें लगातार आ रही हैं।




