GCC का बड़ा बयान: ईरान ने पार की सारी हदें, सऊदी अरब और UAE में सेना हाई अलर्ट पर
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने खाड़ी देशों पर सीधे सैन्य हमले कर सारी लाल रेखाएं पार कर दी हैं। पिछले कुछ दिनों से सऊदी अरब और UAE जैसे देशों में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। इस बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाड़ी देशों की सेनाएं अब पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं।
🚨: Kuwait Attack: कुवैत में ईरानी हमले से 6 लोगों की मौत और 141 घायल, विदेशी नागरिकों के लिए अलर्ट जारी।
सऊदी और UAE पर हुए हालिया हमले
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के निर्देशों के बाद खाड़ी देशों पर हमले तेज हो गए हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने 13 और 14 मार्च को 51 ड्रोन को मार गिराया है। ये ड्रोन रियाद और पूर्वी प्रांत जैसे अहम इलाकों को निशाना बनाकर भेजे गए थे। वहीं UAE के रक्षा मंत्रालय ने भी 13 मार्च को 7 बैलिस्टिक मिसाइल और 27 ड्रोन नष्ट किए हैं।
इन हमलों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। मिसाइल के मलबे गिरने से कई नागरिकों को नुकसान पहुंचा है। बताया गया है कि 28 फरवरी से अब तक UAE में 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 140 से अधिक लोग घायल हैं। हमले अब रिहायशी इलाकों और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बना रहे हैं।
GCC और UN का क्या है रुख
इन हमलों के बाद GCC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्ताव 2817 का स्वागत किया है। इस प्रस्ताव में 136 देशों ने ईरानी सैन्य अभियानों की निंदा की है। GCC सचिवालय ने साफ कहा है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत सदस्य देशों को अपनी रक्षा करने का पूरा कानूनी अधिकार है। वे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा सकते हैं।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए सभी GCC देशों के सशस्त्र बलों को अधिकतम तैयारी की स्थिति में रखा गया है। इसके अलावा समुद्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी खतरों के कारण संचालन सीमित है। राजनयिक स्तर पर भी बातचीत लगभग बंद है और कई खाड़ी देशों ने तेहरान से अपने राजदूत वापस बुला लिए हैं।




