GCC Army Update: खाड़ी देशों में हाई अलर्ट के बीच रियाद पहुंचे महासचिव, कहा किसी एक पर खतरा सब पर खतरा
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने 15 मार्च 2026 को रियाद में स्थित Unified Military Command (UMC) मुख्यालय का दौरा किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी देशों में 11 मार्च से सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। सऊदी अरब में अभी ‘गल्फ शील्ड 2026’ सैन्य अभ्यास चल रहा है। इस दौरान महासचिव ने सेना की तैयारियों का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि सभी GCC देशों की सुरक्षा आपस में जुड़ी हुई है।
क्या है Unified Military Command और इसका उद्देश्य?
Unified Military Command रियाद में स्थित है और यह GCC देशों की सेनाओं को एक साथ मिलकर काम करने में मदद करता है। इसमें सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान की सेनाएं शामिल हैं।
महासचिव ने अपने दौरे में कहा कि किसी भी एक सदस्य देश पर खतरा सभी देशों पर खतरा माना जाएगा। इसके लिए UN चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकारों को महत्व दिया गया है।
वर्तमान में इन देशों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अमेरिकी पैट्रियट और THAAD सिस्टम को मिलाकर एक ‘लेयर्ड सिक्योरिटी आर्किटेक्चर’ तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद किसी भी बाहरी खतरे को रोकना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।
खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों के लिए इसका क्या मतलब है?
खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य प्रवासी रहते हैं। सेना के इस अलर्ट और अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पूरी तरह से सुरक्षा बनाए रखना है ताकि आम लोगों को कोई दिक्कत न हो।
अधिकारियों के अनुसार यह सैन्य तैयारी समुद्री रास्तों और जरूरी ढांचे की सुरक्षा पक्की करती है। इससे आम जनता और अंतरराष्ट्रीय बाजार को डरने की कोई जरूरत नहीं है। रक्षा क्षेत्र में अभी 243 अरब डॉलर का भारी बजट खर्च किया जा रहा है ताकि सभी सुरक्षित रहें।
सैन्य तैयारी के साथ ही कूटनीति और बातचीत के रास्ते भी खुले हैं। ओमान के विदेश मंत्री सहित कई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने का विकल्प हमेशा खुला रहेगा।




