Kuwait और Qatar पर ईरान का मिसाइल हमला, हवा में नष्ट किये गए 13 ड्रोन, GJU ने की कड़ी निंदा
Gulf देशों पर हो रहे ईरानी हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। 17 और 18 मार्च को कुवैत, कतर और UAE पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिन्हें रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया। Gulf Journalists Union (GJU) ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। इन हमलों का सीधा असर वहां रहने वाले आम नागरिकों और भारी संख्या में काम करने वाले प्रवासियों पर पड़ रहा है।
कुवैत, कतर और UAE में क्या है जमीनी हालात
ताजा रिपोर्ट के अनुसार खाड़ी देशों की रक्षा प्रणालियां लगातार इन हमलों को नाकाम कर रही हैं। 18 मार्च की सुबह कतर ने दोहा की तरफ आ रही एक ईरानी मिसाइल को नष्ट किया। वहीं कुवैत में भी पिछले 24 घंटों में कई ड्रोन और मिसाइलें रोकी गई हैं। इन हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों और वहां काम करने वाले प्रवासियों को हो रहा है। Human Rights Watch (HRW) के आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक 11 नागरिकों की जान जा चुकी है और 268 लोग घायल हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या प्रवासी मजदूरों की है।
- Kuwait: रक्षा मंत्रालय ने 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 13 ड्रोन को हवा में नष्ट किया। मलबे से 2 लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
- UAE: अबू धाबी के अल बाहिया इलाके में एक नागरिक वाहन पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हुए। UAE अब तक 314 मिसाइल और 1,672 ड्रोन नष्ट कर चुका है।
- Qatar: दोहा को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को हवा में ही रोक दिया गया।
- Saudi Arabia: क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए रियाद में अरब और इस्लामिक विदेश मंत्रियों की अहम बैठक हो रही है।
आम जिंदगी और प्रवासियों के लिए जरूरी अपडेट
इन हमलों के बावजूद खाड़ी देशों की सरकारें आम जिंदगी को सामान्य रखने की पूरी कोशिश कर रही हैं। कुवैत में पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी (EPA) ने पुष्टि की है कि मिसाइलें रोके जाने के बाद भी हवा में गैस और प्रदूषण का स्तर बिल्कुल सामान्य है। बाजार में खाने-पीने की चीजों की कमी न हो, इसके लिए Lulu Group लगातार भारत से फ्रेश फूड सप्लाई कुवैत ला रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ नए नियम भी बनाए गए हैं, जिनका पालन करना सभी प्रवासियों और नागरिकों के लिए जरूरी है।
- आगामी ईद की नमाज सुबह 6:08 बजे सिर्फ मस्जिदों के अंदर ही पढ़ी जाएगी। सुरक्षा कारणों से खुले मैदानों में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है।
- Gulf Journalists Union (GJU) ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे खाड़ी देशों के समर्थन में आगे आएं और ऊर्जा व व्यापार मार्गों को सुरक्षित करें।
- संयुक्त राष्ट्र ने भी प्रस्ताव 2817 पास करके इन हमलों की निंदा की है और GCC देशों की संप्रभुता का समर्थन किया है।





