US Inflation Update: मिडिल ईस्ट युद्ध से अमेरिका में बढ़ी महंगाई, पेट्रोल और गैस के दाम आसमान पर
अमेरिका में महंगाई एक बार फिर तेजी से बढ़ी है। मार्च के आंकड़ों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है और साल भर की महंगाई दर बढ़कर 3.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
मार्च 2026 में महंगाई के आंकड़े क्या रहे?
यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स (BLS) ने शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को नए आंकड़े जारी किए। इन आंकड़ों में देखा गया कि फरवरी के मुकाबले मार्च में महंगाई काफी ज्यादा बढ़ी है। खासकर गैस और बिजली के दामों ने बजट बिगाड़ दिया है।
| विवरण | मार्च 2026 का आंकड़ा |
|---|---|
| सालाना महंगाई दर (CPI) | 3.3% |
| फरवरी की महंगाई दर | 2.4% |
| मासिक CPI बढ़ोतरी | 0.9% |
| एनर्जी इंडेक्स में वृद्धि | 10.9% |
| गैसोलिन (पेट्रोल) कीमतों में उछाल | 21.2% |
| कोर इन्फ्लेशन (सालाना) | 2.6% |
महंगाई बढ़ने की असल वजह क्या है?
इस महंगाई के पीछे मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद जवाबी हमले हुए। इस तनाव की वजह से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया था, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई रुक गई।
गैसोलिन की कीमतों में 21.2% की बढ़त दर्ज की गई, जो 1967 के बाद से सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। हालांकि 10 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम का समझौता किया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोला गया, लेकिन तेल की कीमतें अभी भी युद्ध से पहले के मुकाबले 10% ज्यादा बनी हुई हैं।
बड़े अधिकारियों और संस्थाओं ने क्या कहा?
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 7 अप्रैल को चेतावनी दी थी कि मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक विकास धीमा होगा। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी कहा कि इस युद्ध की वजह से महंगाई को काबू में करने की कोशिशों में देरी हो सकती है।
वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का कहना है कि अर्थव्यवस्था में आई यह उथल-पुथल केवल कुछ समय के लिए है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह आम उपभोक्ताओं की खरीदने की शक्ति को सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




