अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मध्यस्थता के बाद ईरान इस समझौते के लिए तैयार हो गया है जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त शामिल है। हालांकि लेबनान को लेकर इजराइल और पाकिस्तान के बयानों में बड़ा अंतर दिख रहा है। हिजबुल्लाह ने बुधवार सुबह से इजराइल पर हमले रोक दिए हैं लेकिन इजराइल की सेना अभी भी दक्षिण लेबनान के इलाकों में बमबारी कर रही है जिससे आम जनता के बीच भारी असमंजस पैदा हो गया है।

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क्या लेबनान में भी लागू हुआ है युद्धविराम?

पाकिस्तान और ईरान का कहना है कि यह युद्धविराम हर जगह लागू होगा जिसमें लेबनान भी शामिल है। लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने साफ कर दिया है कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है। इजराइल का कहना है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके सैन्य ऑपरेशन जारी रहेंगे क्योंकि वे इस समझौते का हिस्सा नहीं थे। इसी बीच हिजबुल्लाह से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी है कि उन्होंने बुधवार सुबह से उत्तरी इजराइल और इजराइली सैनिकों पर फायरिंग बंद कर दी है लेकिन उन्होंने अपने समर्थकों को अभी घरों की तरफ लौटने से मना किया है।

लेबनान और इजराइल की मौजूदा स्थिति क्या है?

प्रमुख घटना विवरण
इजराइली हमले टायर और सैदा जैसे इलाकों में इजराइल ने नए हवाई हमले किए हैं।
मृतकों की संख्या इजराइल के अनुसार लेबनान में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
विस्थापन करीब 11 से 12 लाख लोग अब तक अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर गए हैं।
अगली बैठक शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत होगी।
इजराइली चेतावनी टायर के निवासियों को जाहरानी नदी के उत्तर में जाने का आदेश दिया गया है।

इजराइल में विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने इस फैसले की आलोचना की है और इसे इजराइल के लिए एक राजनीतिक आपदा बताया है। लेबनान की सेना ने भी लोगों को चेतावनी दी है कि वे इजराइली हमलों के खतरे को देखते हुए अभी दक्षिण के इलाकों में वापस न लौटें। ईरान ने युद्धविराम के लिए अपनी 10 सूत्री मांगें रखी हैं जिसमें प्रतिबंधों को हटाना और अमेरिकी सेना की वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं। फिलहाल युद्धविराम को लेकर जारी इस खींचतान के बीच आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.