Hormuz Strait विवाद से दुनिया भर में असर, अब 14 दिन लेट पहुंचेगा सामान, हर ट्रिप पर 1 मिलियन डॉलर का घाटा
Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में जहाजों की आवाजाही रुकने से पूरी दुनिया में शिपिंग का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, शिपिंग कंपनियों को अब केप ऑफ गुड होप (Cape of Good Hope) का लंबा रास्ता लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस नए रास्ते के कारण सफर में 10 से 14 दिन ज्यादा लग रहे हैं और हर ट्रिप पर 1 मिलियन से 2 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। इस बदलाव से ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे दवाइयों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक की डिलीवरी में देरी हो रही है।
📰: Israel Iran War: अप्रैल तक चलेगा इस्राइल-ईरान युद्ध, सऊदी में ड्रोन हमले से विदेशी कामगारों की मौत।
शिपिंग कंपनियों पर क्या असर हो रहा है
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण दुनिया की प्रमुख शिपिंग कंपनियों को अपना रूट बदलना पड़ा है। Maersk, Hapag-Lloyd और CMA CGM जैसी कंपनियों ने इस रास्ते से ट्रांजिट पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है। इसका सीधा असर माल ढुलाई के खर्च पर पड़ा है।
- इस रूट पर कमर्शियल ट्रैफिक में 90 प्रतिशत की गिरावट आई है। 7 से 11 मार्च के बीच सिर्फ 10 जहाज ही गुजरे, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 70 से 80 होता है।
- ग्लोबल फ्रेट रेट्स 16 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। मिडिल ईस्ट से चीन जाने वाले ऑयल टैंकर का किराया दोगुना होकर 13.8 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
- नए रास्ते पर जाने से जहाजों को 200 टन से ज्यादा एक्स्ट्रा फ्यूल लग रहा है।
- कई बड़ी इंश्योरेंस कंपनियों ने इस क्षेत्र के लिए अपनी वार-रिस्क कवरेज (war-risk coverage) रद्द कर दी है।
आम आदमी और दुनिया पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा
शिपिंग के रास्ते में बदलाव का सीधा असर आम लोगों की जेब और जरूरतों पर पड़ रहा है। सामान पहुंचने में 14 दिन की देरी होने से बाजार में कई चीजों की कमी होने की आशंका है।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में मानवीय सहायता पहुंचने में देरी हो रही है। गाजा में आटे की कीमत 270 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
- मेडिकल सप्लाई, एग्रीकल्चर फर्टिलाइजर और इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान लेट हो रहा है।
- ईंधन संकट को कम करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के सदस्य देशों ने 400 मिलियन बैरल तेल रिजर्व जारी करने पर सहमति जताई है।
- केपटाउन पोर्ट पर डाइवर्ट किए गए जहाजों के ट्रैफिक में 112 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
विभिन्न देशों और एजेंसियों का क्या कहना है
इस संकट पर कई देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। अमेरिका और यूरोपीय देश भी इस मसले का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
- ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने का काम जारी रखा जाएगा।
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस इलाके से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरानी नेवी के साथ कोऑर्डिनेट करना होगा।
- UKMTO ने इस क्षेत्र में सिक्योरिटी रिस्क को ‘क्रिटिकल’ घोषित कर दिया है।
- अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि हालात सही होते ही अमेरिकी नेवी कमर्शियल जहाजों को एस्कॉर्ट करना शुरू करेगी।




