US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया बड़ा हमला, उपराष्ट्रपति JD Vance बोले अब कभी बम नहीं बना पाएगा ईरान
अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ कर दिया है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम के इस अभियान में अमेरिका और इजरायल दोनों मिलकर ईरान के ठिकानों पर सटीक हमले कर रहे हैं। यह सख्त कदम जिनेवा में हुई राजनयिक बातचीत के विफल होने के बाद उठाया गया है।
Operation Epic Fury क्या है और यह क्यों शुरू हुआ
इस सैन्य अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करना है ताकि वह भविष्य में इसे दोबारा न बना सके।
- JD Vance ने नॉर्थ कैरोलिना के रॉकी माउंट में कहा कि राजनयिक बातचीत इसलिए विफल हुई क्योंकि ईरान के शांतिपूर्ण दावों में कोई सच्चाई नहीं थी।
- अमेरिका ने जांच में पाया कि ईरान अपनी परमाणु सुविधाएं जमीन से 70 से 80 फीट नीचे बना रहा था।
- अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक ‘रेड लाइन’ तय कर दी है जिसके तहत ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।
- इस अभियान में B-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया जा रहा है जो लंबी दूरी से ईरान के बुनियादी ढांचे पर प्रहार कर रहे हैं।
इस सैन्य अभियान में अभी तक क्या हुआ है
इस बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। अमेरिका और इजरायल की सेनाएं लगातार ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बना रही हैं।
- एक दुखद घटना में अभियान के दौरान अमेरिका का एक रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया, जिसमें 6 क्रू सदस्यों की जान चली गई।
- ईरान के सुप्रीम लीडर के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह हमले में घायल हुए हैं लेकिन संभवत जीवित हैं।
- JD Vance ने स्पष्ट किया कि वह विदेशी सैन्य हस्तक्षेप के पक्ष में नहीं रहते हैं, लेकिन यह कोई सालों तक चलने वाला युद्ध नहीं है। यह एक स्पष्ट और तय सीमा वाला अभियान है।
भारत और खाड़ी देशों में रहने वालों पर क्या होगा असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते इस तनाव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट है। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर आधिकारिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है ताकि नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




