IMO Council Decision: ईरान के हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी पर IMO का कड़ा फैसला, UAE ने किया स्वागत
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) काउंसिल ने ईरान द्वारा जहाजों पर किए जा रहे हमलों और Strait of Hormuz को बंद करने की धमकियों की कड़ी निंदा की है। 19 मार्च 2026 को समाप्त हुए 36वें असाधारण सत्र में इस संबंध में एक कड़ा प्रस्ताव पारित किया गया। UAE द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव को 115 से अधिक सदस्य देशों का समर्थन मिला, जो संगठन के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
IMO काउंसिल के फैसले में क्या मुख्य बातें कही गई हैं?
काउंसिल ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। इस फैसले के जरिए ईरान से कुछ महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं:
- ईरान तुरंत उन सभी गतिविधियों को बंद करे जो अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन में बाधा डालती हैं।
- Strait of Hormuz में जहाजों के स्वतंत्र मार्ग में किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- समुद्री क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाविकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है।
- काउंसिल ने UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का हवाला देते हुए कहा कि समुद्री मार्ग रोकना शांति के लिए खतरा है।
समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर क्या होगा असर?
UAE के स्थायी प्रतिनिधि मोहम्मद खामिस सईद अलकाबी ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान को स्पष्ट संदेश भेजा है। वर्तमान में Strait of Hormuz में तनाव के कारण समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, इस समय करीब 3,200 जहाजों पर लगभग 20,000 नाविक फंसे हुए हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे देशों ने भी एक संयुक्त बयान जारी कर सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। वहीं दूसरी ओर, ईरानी संसद जहाजों पर नए टैक्स और टोल लगाने पर विचार कर रही है, जिससे तनाव और बढ़ने की आशंका है।




