India-GCC Trade Deal: भारत और खाड़ी देशों के बीच व्यापार का रास्ता साफ, दिल्ली में साइन हुआ बड़ा समझौता
नई दिल्ली में सऊदी अरब के राजदूत सालेह बिन ईद अल-हुसैनी ने गल्फ सहयोग परिषद (GCC) के मुख्य वार्ताकार डॉ. राजा बिन मनाही अल-मुरैखी से मुलाकात की। यह मुलाकात 5 फरवरी 2026 को हुई जब दोनों नेताओं ने भारत और खाड़ी देशों के बीच रुके हुए व्यापार समझौते को फिर से शुरू करने पर चर्चा की। इस दौरान भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे और इस नई शुरुआत को दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद बताया।
क्या है यह नया व्यापार समझौता?
इस समझौते का मुख्य मकसद भारत और छह खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन) के बीच व्यापार को आसान बनाना है। दिल्ली के वाणिज्य भवन में दोनों पक्षों ने ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) पर साइन किए हैं। इसका सीधा मतलब है कि अब दोनों पक्ष यह तय करेंगे कि किन चीजों पर टैक्स कम होगा और किन सेवाओं को छूट मिलेगी। यह बातचीत 2011 से रुकी हुई थी जिसे अब दोबारा पूरी तैयारी के साथ शुरू किया गया है।
भारत और गल्फ देशों के व्यापार पर क्या असर होगा?
आंकड़ों के मुताबिक भारत और गल्फ देशों के बीच अभी करीब 179 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है। गल्फ देशों ने भारत में लगभग 31 बिलियन डॉलर का निवेश भी किया है। इस समझौते से पेट्रोल-केमिकल, खेती और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
- फूड सिक्योरिटी: खाने-पीने की चीजों का आदान-प्रदान पहले से ज्यादा आसान और सस्ता होगा।
- एनर्जी: तेल और गैस की सप्लाई चेन मजबूत होगी जिससे ऊर्जा सुरक्षा बनी रहेगी।
- निवेश: दोनों तरफ से नई कंपनियों और बड़े प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाना सरल हो जाएगा।




