अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य अभियान में अब तक छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इस तनाव के कारण खाड़ी देशों का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे भारत और दुबई के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोग अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत का उछाल आया है।

📰: ईरान के परमाणु केंद्र पर हमला, कुवैत में मिसाइलें गिराई गईं और तेल की कीमतों में भारी उछाल

सैनिकों की मौत और सैन्य कार्रवाई की ताज़ा स्थिति क्या है?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत में तीन सैनिकों की मौत हुई थी। सोमवार सुबह एक और घायल सैनिक ने दम तोड़ दिया, जबकि कुवैत में ईरानी हमले के दौरान लापता हुए दो अन्य सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। ऑपरेशन के पहले 48 घंटों में अमेरिकी सेना ने ईरान के 1,250 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें कमांड सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल साइट और नौसैनिक जहाज शामिल हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है।

प्रवासियों और आम जनता पर इस युद्ध का क्या असर होगा?

खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हवाई यात्रा और बढ़ती महंगाई है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कई प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें फिलहाल स्थगित कर दी हैं। कच्चे तेल की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिसका असर जल्द ही ईंधन की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

मुख्य विवरण ताज़ा आंकड़े और जानकारी
अमेरिकी सैनिकों की कुल मौतें 6 सैनिक
घायल अमेरिकी सैनिक 18 सैनिक
नष्ट किए गए ईरानी ठिकाने 1,250 से अधिक
कच्चे तेल की कीमत (Brent Crude) 10% की बढ़त, $82 प्रति बैरल से ज्यादा
हवाई यात्रा की स्थिति खाड़ी देशों का एयरस्पेस आंशिक रूप से बंद

ऑपरेशन एपिक फरी और अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम

पेंटागन ने इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फरी’ (Operation Epic Fury) का नाम दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि इस मिशन का उद्देश्य ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक खतरों को खत्म करना है। इस बीच, एक दुर्घटना में कुवैत की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने गलती से तीन अमेरिकी F-15 जेट विमानों को मार गिराया, हालांकि सभी छह क्रू मेंबर सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि फिलहाल ईरान के परमाणु केंद्रों को कोई नुकसान पहुंचने के संकेत नहीं मिले हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.