भारत में खाड़ी देशों से अपने प्रवासियों को निकालने के लिए 3 नौसेना के जहाज और 500 FLIGHTS को तैनात किया है. और इसके साथ ही अब तक का सबसे बड़ा निकास योजना भारत सरकार ने तैयार कर लिया है, जिसके बदौलत खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों को वापस लाया जाएगा.

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने कहा सबसे पहले मजदूर वर्ग या ब्लू कलर वाले कामगारों को निकाला जाएगा, उसके बाद विद्यार्थियों को निकाला जाएगा, और अंतिम चरण में अन्य लोगों को निकाला जाएगा जिसमें टूरिस्ट इत्यादि वर्ग शामिल होगा.
प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि फंसे हुए भारतीय नागरिकों को हर हाल में निकाला जाएगा और इसके लिए भारतीय मिशन पूरी तरीके से तैयार हैं. विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावास को ऐसे लोगों की लिस्ट बनाने का कार्य सौंपा गया है जो देश वापस लौटना चाहते हैं.

दूतावास के द्वारा तैयार किए गए लिस्ट को भारत सरकार भारतीय राज्यों के साथ कोडिनेट करके मिशन को पूरा किया जाएगा. विदेश मंत्रालय इसके लिए एक अलग इकाई और कंट्रोल रूम तैयार कर रहा है.
केरल के सरकार ने किस बचाओ अभियान को लेकर सबसे पहली पहल किया है और दो लाख प्रवासियों के लिए स्टेडियम रिसॉर्ट स्कूल और दूसरे कमर्शियल भवनो को क्वॉरेंटाइन सेंटर में बदल दिया है.

अन्य राज्यों के लिए बचाओ अभियान कितना कारगर होगा और उसने राज्यों की जैसी भूमिका होगी उसके फलस्वरूप ही विदेशों से लाने वाले प्लान में बदलाव भी किया जा सकता है.GulfHindi.com
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