BRICS Meeting Update: खाड़ी देशों के तनाव पर भारत ने शुरू की ब्रिक्स सदस्यों से चर्चा, 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार का जोर
पश्चिमी एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर बड़ी पहल की है. ब्रिक्स (BRICS) समूह के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में भारत सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर बातचीत की सुविधा प्रदान कर रहा है. इस पूरी चर्चा में खाड़ी देशों में काम करने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और वहां से आने वाले तेल और जरूरी सामानों की आवाजाही को सबसे ज्यादा अहमियत दी जा रही है.
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ब्रिक्स देशों के साथ भारत की बातचीत में क्या हो रहा है?
भारत ने 12 मार्च 2026 को ब्रिक्स शेरपा (वरिष्ठ राजनयिक) की एक वर्चुअल मीटिंग बुलाई थी, जिसमें मुख्य रूप से बढ़ते संघर्ष पर बात की गई. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नई दिल्ली अन्य सदस्यों के लगातार संपर्क में है ताकि इस अहम मुद्दे पर आम सहमति बन सके.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मार्च की देर शाम ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की. बातचीत में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया गया.
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ अपनी चौथी फोन कॉल पूरी की, जिसमें ब्रिक्स से जुड़े समन्वय पर चर्चा हुई.
- ब्रिक्स में अब 10 से ज्यादा सदस्य हैं. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ नए पूर्ण सदस्य ईरान, यूएई, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया शामिल हैं.
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर इसका क्या असर होगा?
28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीधे तौर पर संघर्ष बढ़ गया है. इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार का सीधा फोकस वहां रहने वाले आम प्रवासियों की सुरक्षा पर है.
- 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं. इन सभी नागरिकों को सुरक्षित रखना भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
- समुद्री व्यापार और नाविक: दुनिया भर के समुद्री नाविकों में 12% हिस्सा भारतीयों का है. ब्रिक्स की बैठकों में व्यावसायिक जहाजों पर काम करने वाले इन नाविकों की सुरक्षा के उपाय भी तलाशे जा रहे हैं.
- सामान और तेल की आवाजाही: भारत लगातार यह कोशिश कर रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ऊर्जा और सामान के जहाज बिना किसी रुकावट के आते-जाते रहें. हाल ही में कूटनीतिक प्रयासों के कारण ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है.




