Dubai Property: मुंबई-दिल्ली को छोड़ भारतीयों ने दुबई में ख़रीदा दोगुना घर, रेंट से कमाई हो रही तीन गुना
भारतीय निवेशकों का रुझान अब दुबई के रियल एस्टेट बाजार की तरफ तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में दुबई में भारतीयों का निवेश पिछले साल के मुकाबले दोगुना हो गया है। मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में आसमान छूती कीमतों के कारण लोग अब दुबई में प्रॉपर्टी खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जहां कम दाम में बेहतर सुविधाएं और ज्यादा किराया मिल रहा है।
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आंकड़ों में देखिए कैसे बढ़ा भारतीयों का निवेश
साल 2023 में दुबई में घर खरीदने वाले विदेशी लोगों में भारतीयों की हिस्सेदारी 12% थी, जो 2024 में बढ़कर 22% हो गई है। कुल मिलाकर यह निवेश करीब 8.61 लाख करोड़ रुपये (35 बिलियन दिरहम) तक पहुंच गया है। जानकारों के मुताबिक, 2025 में भी यह रफ्तार जारी है और हिस्सेदारी 23% के पार निकल चुकी है। Knight Frank India और Betterhomes की रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करती है। रुपये के मुकाबले दिरहम के मजबूत होने से भी निवेशकों को करेंसी में 7-8% का फायदा मिला है।
मुंबई-दिल्ली और दुबई के भाव में कितना है अंतर?
मुंबई के बांद्रा या दक्षिण मुंबई और दिल्ली के पॉश इलाकों में एक अच्छे फ्लैट की कीमत अब 3 करोड़ से 5 करोड़ रुपये के पार जा चुकी है। वहीं, दुबई में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला घर 2.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये में मिल जाता है। प्रति वर्ग फुट के हिसाब से दुबई के कई इलाके मुंबई से 30-50% सस्ते हैं। किराए की कमाई (Rental Yield) के मामले में भी दुबई आगे है।
| विवरण | भारत (मुंबई/दिल्ली) | दुबई |
|---|---|---|
| फ्लैट की कीमत | ₹3-5 करोड़ से ज्यादा | ₹2.5-3 करोड़ |
| रेंटल इनकम (किराया) | 2-3% | 6-10% |
| टैक्स (किराए पर) | टैक्स लगता है | 0% टैक्स |
वीज़ा और टैक्स में मिल रही बड़ी छूट
दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने का एक बड़ा फायदा वीज़ा है। अगर आप करीब 4.5 करोड़ रुपये (2 मिलियन दिरहम) का निवेश करते हैं, तो आपको 10 साल का ‘गोल्डन वीज़ा’ मिलता है। छोटे निवेशकों के लिए करीब 1.7 करोड़ रुपये (7.5 लाख दिरहम) लगाने पर 2 साल का वीज़ा मिलता है। इसके अलावा, दुबई में प्रॉपर्टी बेचने पर कोई ‘कैपिटल गेन्स टैक्स’ नहीं लगता, जबकि भारत में यह एक बड़ा खर्चा होता है। DLD और RERA जैसी संस्थाएं यहां पैसों की सुरक्षा और ट्रांजेक्शन को रजिस्टर करती हैं, जिससे धोखाधड़ी का डर नहीं रहता।




