IndiGo ने जारी की नई एडवाइजरी, मिडिल ईस्ट की सभी फ्लाइट्स कैंसिल, किराए में 45% तक की बढ़ोतरी
मिडिल ईस्ट में अचानक बिगड़े हालात और बढ़ते तनाव के कारण हवाई यात्रा पर बहुत बुरा असर पड़ा है। 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमले के बाद कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है। इस वजह से भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo Airlines ने मिडिल ईस्ट जाने वाली और वहां से आने वाली सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है। यह रोक फिलहाल 28 फरवरी की रात 12 बजे तक के लिए लगाई गई है, जिससे हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं।
रिफंड और रीशेड़यूलिंग पर क्या है नियम?
हजारों यात्रियों की फ्लाइट कैंसिल होने के बाद एयरलाइन ने राहत दी है। IndiGo ने साफ किया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें इस तनाव के कारण रद्द हुई हैं, उन्हें टिकट का पूरा पैसा वापस (Full Refund) मिलेगा। अगर यात्री चाहे तो वे अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं, जिसके लिए एयरलाइन कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लेगी। यह सुविधा सीट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से कम से कम 3 से 4 घंटे पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू और ताशकंद के लिए फ्लाइट्स को पहले ही 28 मार्च 2026 तक के लिए रद्द रखा गया है।
हवाई किराए और रूट पर कितना असर पड़ेगा?
ईरान और इराक के ऊपर से उड़ने वाले हवाई रास्ते बंद होने के कारण विमानों को अब लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है। जानकारों का कहना है कि खाड़ी देशों (Gulf) के किराए में 8 से 12% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। वहीं, यूरोप और अमेरिका जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि इन रूटों पर किराया 30 से 45% तक बढ़ सकता है।
Air India की दिल्ली से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को भी बीच रास्ते से वापस मुंबई लौटना पड़ा है। दुबई और भारत के बीच का रूट दुनिया के सबसे व्यस्त रूटों में से एक है और मौजूदा हालात ने प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय दूतावास ने भी ईरान में रहने वाले भारतीयों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।




