इंडोनेशिया के वेस्ट जावा प्रांत में भारी बारिश के बाद भयानक भूस्खलन हुआ है। इस हादसे में अब तक 8 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 80 से ज्यादा लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। बचाव कार्य तेजी से चल रहा है लेकिन मौसम खराब होने के कारण मुश्किलें आ रही हैं।
हादसा कब और कहां हुआ?
यह घटना शनिवार सुबह करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच पश्चिम जावा के पश्चिम बांडुंग जिले में हुई। पासिर लांगू गांव का पासिर कुनिंग इलाका इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। लोग जब गहरी नींद में थे, तभी पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर घरों पर गिर गया। लगातार बारिश की वजह से नदी का जलस्तर भी बढ़ गया था।
कितना नुकसान हुआ है?
इस आपदा में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। नीचे दिए गए टेबल में आप ताज़ा आंकड़े देख सकते हैं:
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| मौत | 8 लोग |
| लापता लोग | 82-83 लोग |
| क्षतिग्रस्त घर | 20-37 घर |
| कुल प्रभावित लोग | 114-123 लोग |
सेना के जवान भी लापता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहत कार्य में मदद करने गए कुछ सैनिक भी मलबे की चपेट में आ सकते हैं। सिलीवांगी मिलिट्री कमांड इसकी जांच कर रहा है कि क्या उनके 23 जवान भी लापता लोगों में शामिल हैं। यह जानकारी अभी पूरी तरह से कन्फर्म नहीं है और इसकी पुष्टि की जा रही है।
बचाव कार्य में क्या मुश्किलें आ रही हैं?
भारी बारिश और कीचड़ के कारण बचाव दल को काफी परेशानी हो रही है। मिट्टी अभी भी गीली और अस्थिर है, जिससे फिर से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सेना, पुलिस और स्थानीय लोग मिलकर मलबे में दबे लोगों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक 24 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
सरकार ने क्या मदद दी है?
वेस्ट जावा के गवर्नर ने पीड़ित परिवारों की मदद का ऐलान किया है। जिन लोगों के घर उजड़ गए हैं, उन्हें अस्थाई घर और ज़रूरी सामान के लिए 10 मिलियन रुपिया (इंडोनेशियाई करेंसी) की मदद दी जाएगी। साथ ही, घटनास्थल के 100 मीटर के दायरे में रहने वाले अन्य परिवारों को भी सुरक्षा के लिए वहां से हटा दिया गया है।




