ईरान के Alborz में जोरदार धमाके, 18 लोगों की मौत और बिजली सेवा ठप, इसराइल-अमेरिका पर लगा हमला करने का आरोप.
ईरान के Alborz राज्य में 7 अप्रैल 2026 को भयानक धमाके हुए हैं जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई है. इन हमलों में बच्चों समेत कई बेगुनाह लोगों की जान जाने की खबर आई है. इस घटना के बाद ईरान और इसराइल के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है जिसका असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र पर साफ दिख रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक ये हमले रिहायशी इलाकों और जरूरी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं.
🚨: अमेरिका ने ईरान के अंदर दागा आत्मघाती ड्रोन, खार्ग द्वीप पर किया हमला, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव।
इन हमलों में कितना नुकसान हुआ और सरकारी बयान क्या है?
Alborz प्रांत के डिप्टी गवर्नर Ghodratollah Seif ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अमेरिकी और इसराइली हमलों में कम से कम 18 आम नागरिकों की मौत हुई है. मरने वालों में 2 छोटे बच्चे भी शामिल हैं जो अपने घरों में मौजूद थे. अधिकारियों का कहना है कि लड़ाकू विमानों ने बेगुनाह लोगों के घरों और शरणस्थलों को निशाना बनाया है. इस हमले की वजह से Karaj शहर और आसपास के इलाकों में बिजली की लाइनें पूरी तरह खराब हो गईं जिससे बड़े हिस्से में पावर कट हो गया. प्रशासन ने दावा किया है कि करीब 80 फ़ीसदी इलाकों में बिजली फिर से चालू कर दी गई है.
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी और अन्य देशों पर असर
इस हमले के बाद के हालात को समझने के लिए नीचे दी गई जानकारी को देखें:
| तारीख | 7 अप्रैल 2026 |
| मृतकों की संख्या | 18 नागरिक (2 बच्चों सहित) |
| प्रभावित इलाके | Alborz Province, Karaj और पावर प्लांट क्षेत्र |
| ईरानी जवाबी कार्रवाई | सऊदी अरब पर 7 मिसाइलें दागीं (जिन्हें इंटरसेप्ट किया गया) |
| चेतावनी | इसराइली सेना ने ईरानियों को ट्रेनों से दूर रहने को कहा |
| सेहत संबंधी सलाह | जहरीली गैसों से बचने के लिए मास्क पहनने का निर्देश |
आम जनता और प्रवासियों के लिए जारी की गई सलाह
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलें क्योंकि हवा में जहरीले हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें घुली हो सकती हैं. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को Strait of Hormuz खोलने की आखिरी डेडलाइन दे दी है. तनाव इतना ज्यादा है कि ईरान ने अपने युवाओं से पावर प्लांट्स को बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि ईरान ने जवाब में सऊदी अरब की तरफ भी मिसाइलें दागी हैं जिन्हें हालांकि बीच में ही रोक दिया गया.




