Iran-US Conflict Update: ईरान की बड़ी चेतावनी, बोले- ज़मीनी हमला हुआ तो एक भी दुश्मन ज़िंदा नहीं बचेगा
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसे हालात बनते नज़र आ रहे हैं। ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने गुरुवार को विरोधियों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के खिलाफ कोई भी ज़मीनी सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका जवाब बेहद घातक होगा। ईरान का दावा है कि उनकी सेना हर तरह के हमले का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है और दुश्मन का एक भी सैनिक बचकर वापस नहीं जा पाएगा।
ईरान के सेना प्रमुख ने क्या चेतावनी दी है?
- मेजर जनरल अमीर हातमी ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं हमले और बचाव दोनों के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
- उन्होंने चेतावनी दी कि अगर Washington ने कोई ज़मीनी सैन्य ऑपरेशन शुरू किया, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के सभी सहयोगियों को निशाना बनाया जाएगा।
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे युद्ध और बातचीत के चक्र में नहीं फंसेंगे और अमेरिकी-इजरायली हमले का कड़ा जवाब देंगे।
- सेना ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे दुश्मन की हर हलचल पर पैनी नज़र रखें और पूरी सावधानी बरतें।
- ईरान का मानना है कि अमेरिका के पास उनकी सैन्य शक्ति की पूरी जानकारी नहीं है और उनके ठिकाने सुरक्षित हैं।
क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौज़ूदा स्थिति क्या है?
मिडिल ईस्ट में तनाव को देखते हुए अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत काफी बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि वे ईरान पर कड़ा प्रहार जारी रखेंगे। वर्तमान में इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी कुछ इस प्रकार है:
| क्षेत्र/यूनिट | सैन्य विवरण |
|---|---|
| कुल सैनिक | लगभग 40,000 से अधिक जवान तैनात |
| इजरायल | F-22 Raptor लड़ाकू जेट तैनात किए गए |
| अरब सागर | 82nd Airborne Division की मौजूदगी |
| ओमान की खाड़ी | अमेरिकी नौसेना के उभयचर समूह तैनात |
| बगदाद दूतावास | अगले 24-48 घंटों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी |
खाड़ी देशों पर इस तनाव का क्या असर हो रहा है?
ईरान और अमेरिका के इस टकराव का सीधा असर खाड़ी के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। हाल ही में कुवैत को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। वहीं UAE ने अपनी सुरक्षा बढ़ाते हुए मिसाइल खतरों का सफलतापूर्वक सामना किया है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने आतंकी हमलों की आशंका जताई है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी हो सकता है।




